उप्र में राशन पोर्टेबिलिटी की सुविधा जल्द

सीतापुर का आदमी गाजियाबाद से ले सकेगा अपने हिस्से का राशन।

 

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Published: 10 Feb 2018, 06:27 PM IST

लखनऊ. आंध्र प्रदेश, तेलांगाना,गुजरात,दिल्ली, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के बाद अब उत्तर प्रदेश में राशन पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू की जाएगी। उप्र सरकार के प्रस्ताव को केंद्र ने मंजूर कर लिया है। जन वितरण प्रणाली की किसी भी दुकान से उप्र के निवासी भी अगले वित्त वर्ष से राशन उठा सकेंगे। वित्त वर्ष 2018-19 से राज्य के किसी भी हिस्से में कहीं से भी कोई भी राशन कार्ड धारक अपना राशन ले सकेगा। नगरी क्षेत्रों की 13135 और ग्रामीण क्षेत्रों की 67000 दुकानों को जून तक इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
इस तरह होगा कार्य
देश के कई राज्यों में राशन की दुकानों पर डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा उपलब्ध है। इस व्यवस्था के तहत कार्ड होल्डर किसी भी सरकारी दुकान से राशन खरीद सकते हैं। इस योजना में प्रदेश की सभी राशन शॉप को ई-पॉइंट ऑफ सेल डिवाइसेज से जोड़ दिया जाता है। इसमें कार्डहोल्डर्स के आधार वेरिफिकेशन और ट्रांजैक्शंस की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहती है। इसके तहत सभी दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन रहती है, जिससे माप-तौल में गड़बड़ी न हो सके।
पुराना राशन कार्ड मान्य
इस सुविधा का लाभ किसी भी जिले की जन वितरण प्रणाली की राशन दुकान से उठाया जा सकेगा। इससे दुकान से चावल, गेहूं,चीनी, किरोसिन या अन्य सामान ले सकेंगे। इसके लिए पुराना कार्ड ही मान्य होगा। यदि कोई गाजीपुर का आदमी गाजियाबाद में रहने लगता है तो भी उसे अपने पुराने कार्ड के आधार पर ही गाजियाबाद में राशन मिल जाएगा।
क्या होगा फायदा
राशन पोर्टिबिलिटी के तहत किसी भी एरिया में रहने वाला व्यक्ति उप्र में कहीं भी सरकारी दुकान से अपने कोटे का राशन खरीद सकता है। इससे जहां नागरिकों को सुविधा होगी, वहीं फेयर शॉप चलाने वालों में कॉम्पिटीशन बढ़ेगा। बायोमीट्रिक पहचान आधारित ट्रांजैक्शन होने से किसी गड़बड़ी की आशंका नहीं होगी।
यह सुविधाएं मिलेंगी
-पीडीएस सिस्टम में पोर्टेबिलिटी स्कीम लागू करने के साथ ही इसे कैश लेस सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा। उपभोक्ता अगर चाहेगा तो राशन सामग्री लेने के बाद उसके बैंक अकाउंट से ही सीधे भुगतान हो जाएगा। डिपो पर पीओएस मशीनें भी रखी जाएंगी।
- राशन कार्ड उपभोक्ता अपने गांव, शहर नहीं बल्कि पूरे राज्य में किसी भी डिपो से राशन ले सकेंगे।
-राशन लेते समय जिन लोगों के फिंगर प्रिंट मशीन में मैच नहीं हो रहे उनकी दोनों हाथ की सभी अंगुलियां प्रिंट की जाएंगी। मशीन खुद बताएगी कि आपकी किस उंगली का प्रिंट सही है।
-गोदाम से राशन निकलते ही पात्र लोगों के मोबाइल पर पहला एसएमएस, दूसरा एसएमएस राशन डिपो पर, तीसरा एसएमएस राशन लेने के बाद मिलेगा। यह संदेश रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलेगा।
-हर माह की अंतिम तिथि तक अगले माह का राशन डिपो पर भेज दिया जाएगा। हर माह की अंतिम तिथि तक उपभोक्ता अपना राशन ले सकेंगे।
-निर्धारित संख्या में उपभोक्ता यदि उनके डिपो पर राशन लेने नहीं आएंगे तो उनका लाइसेंस भी रद हो सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अतुल गर्ग, पीडीएस राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि उप्र में 81 प्रतिशत जे ज्यादा ग्राहकों की आधार संख्या राशन कार्ड से लिंक की जा चुकी है। जैसे ही सभी राशनकार्ड धारियों को आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाएगा पूरे राज्य में जन वितरण प्रणाली के तहत राशन पोर्टबिलिटी की सुविधा मिलने लगेगी।

अप्रैल से ही शुरू कर दी जाएगी
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बताया कि अयोध्या और बागपत में अप्रैल से ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सुविधा शुरू कर दी जाएगी। अयोध्या में यह योजना झारखंड मॉडल और बागपत में चंडीगढ़ मॉडल के फार्मूले पर चलेगी। इसके तहत उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम भेज दी जाएगी। इससे खुले बाजार में कहीं से भी राशन खरीद सकते हैं।

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