यूपी में सवर्णों को आरक्षण से आया सियासी तूफान

भाजपा की चुनावी चाल से निपटने के लिए दूसरे दलों ने मौहरे बिछाए

By: Anil Ankur

Updated: 19 Jan 2019, 04:52 PM IST

अनिल के अंकुर

लखनऊ। सामान्य जाति के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के फैसले पर सियासी जंग शुरू हो गई है। चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा सरकार की आरक्षण चाल से विपक्षी दलों को मात देने की तैयारी जिस तरह की गई अब उससे निपटने के लिए राजनीतिक दलों ने भूमिका तैयार कर ली है। कहा जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपने मौहरे एक हफ्ते बाद बारी बारी से खोलेगा।

समाजवादी पार्टी ने बनाया सवर्ण मोर्चा
पिछड़ों, दलितों और अल्प संख्यकों की तर्ज पर समाजवादी पार्टी ने अब सवर्ण मोर्चा गठित करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मोर्चा सवर्णों की समस्याओं को सुनेगा और उनका निस्तारण कैसे किया जाए, इस पर अपनी राय पार्टी के बड़े नेताओं को बताएगा। इसमें मामला चाहे सवर्ण की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे का हो या फिर आरक्षण की ताजा व्यवस्था का लाभ न मिल पाने का हो। यहां सभी प्रकार की समस्याओं पर विचार किया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मोर्चे की गतिविधि पर नजर रखेंगे। सपा प्रवक्ता सुनील कुमार साजन का कहना है कि सपा की तैयारी पूरी है।

बसपा की ब्राह््मण भाईचारा कमेटी
बहुजन समाज पार्टी की ब्राह्मण भाई चारा कमेटी फिर से सक्रिय हो गई है। इसकी सक्रियता इसलिए भी बढ़ाई जा रही है क्यों कि पार्टी किसी न किसी रूप में भाजपा की नीतियों से लडऩा चाहती है। करीब आठ साल पहले यह कमेटी बसपा में पूरी तौर से सक्रिय थी, पर बीच में इसकी गतिविधियों में शिथिलता आ गई थी। पर इस बीच भाजपा ने विभिन्न जातियों और वर्गों के अलग अलग सम्मेलन आयोजित करके दूसरे दलों को अपने मोर्चों को सक्रिय करने के लिए कहीं न कहीं उकसा दिया है। यही कारण है कि आरक्षण बिल जारी होने के बाद यूपी सरकार द्वारा उसे लागू किए जाने के फैसले ने बसपा की ब्राह्मण भाईचारा कमेटी को फिर से सक्रिय करने के लिए बाध्य कर दिया है। बसपा नेतृत्व अब अपनी इस कमेटी के जरिए यह बताएगा कि वह गरीब सवर्णों को ज्यादा आरक्षण दिलाने की मांग कर रहे थे पर भाजपा ने दिया नहीं।

कांग्रेस चला ट्रंप कार्ड, बोली सभी गरीबों को मिले आरक्षण
दलित, जन जाति और पिछड़े वर्ग को आरक्षण की वकालत करने वाली कांग्रेस ने सवर्णों को आरक्षण दिलाने की सिफारिश पहले भी की थी। यह कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन शुक्ला का। उनका कहना है कि भाजपा ने सवर्णों को आरक्षण के नाम पर झुनझुना पकड़ाया है। पर यह झुनझुना किसी काम का नही है क्योंकि जनता जान गई है कि ऐन चुनाव के मौके पर आधे अधूरे आदेश से किसी को मदद मिलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा ने जनता को लालीपॉप पकड़ाया है, गरीबों को मदद करने का असली काम तो कांग्रेस कर रही थी।

अब देखने की बात यह होगी कि विपक्षियों द्वारा बनाई गई रणनीति कितनी कामयाब होती है और कितनी नहीं। भाजपा आरक्षण के मुद्दे को चुनाव में भुनाने की कोशिश करेगी और वहीं विपक्ष यह बताएगा कि यह चुनावी चाल है और कुछ नहीं। वे तो इससे बेहतर करने जा रहे थे।

Anil Ankur Desk/Reporting
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