युवाओं के अधिकारों के लिये 12 जनवरी से शुरू होगी अधिकार एवं न्याय यात्रा

राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच 23 को नई दिल्ली में पीएम को सौंपेगा ज्ञापन

By: Ritesh Singh

Published: 10 Jan 2021, 05:24 PM IST

लखनऊ। युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के शुभ अवसर पर राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच 12 जनवरी से युवा अधिकार एवं न्याय यात्रा शुरू करने जा रही है। यह यात्रा गोरखपुर से प्रारम्भ होकर विभिन्न जिलों से होते हुये आगामी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर नई दिल्ली पहुंच कर समाप्त होगी। इस यात्रा की जानकारी देते हुये मंच के अध्यक्ष शशांक शेखर सिंह पुष्कर ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में जागरूकता लाकर अपने अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन के लिए एक मंच पर एकत्रित करना है।

यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए शशांक शेखर ने बताया कि गोरखपुर से षुरू होकर आजमगढ़, वाराणसी ,जौनपुर, सुल्तानपुर ,अंबेडकरनगर ,अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ ,सीतापुर, शाहजहांपुर ,बरेली ,रामपुर ,मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, मेरठ ,गाजियाबाद के रास्ते होकर नई दिल्ली जंतर -मंतर पर संपन्न होगी, जहां महापुरुषों की स्थली एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जाएगा।

शशांक शेखर सिंह ने बताया कि इस यात्रा के जरिये यह भी बताने की कोशिश होगी कि जाति ,धर्म ,संप्रदाय के नाम पर साजिश के तहत छात्रों, नौजवानों की भावनाओं को बेचने वाले राजनीतिक दलों को यह एहसास हो सके कि नौजवानों को सिर्फ वोट बैंक, प्रचार तंत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता यदि 21वी सदी का नौजवान जाति,धर्म, संप्रदाय व दलगत भावना से ऊपर उठकर एक मंच पर इकट्ठा हो जाएगा तो नए भारत सशक्त भारत का सपना स्वयं पूरा हो जाएगा स नई पीढ़ी नया जोश के साथ नौजवान समाज में नई क्रांति लाने में सक्षम है नई उर्जा से ही देश और प्रदेश सही रास्ते पर जा सकता है ना कि युवाओं के ठेकेदारों द्वारा सिर्फ जाति, धर्म, संप्रदाय के नाम पर गुमराह करने से नौजवानों के चेतना को जगा कर एक मंच पर इकट्ठा किया जाएगा।

सयात्रा भीड़-भाड़ अथवा मार्केट में पैदल तथा हाईवेज पर चार पहिया वाहन द्वारा प्रस्तावित है सयात्रा के दौरान छात्रों ,नौजवानों, बुजुर्गों ,महिलाओं से संपर्क कर संगठन के उद्देश्यों को उनके माध्यम से जमीन तक पहुंचाना है ताकि देश व प्रदेश में सकारात्मक, सजग व जिम्मेदारी पूर्ण भूमिका निभाई जा सके। शशांक शेखर सिंह ने राजनीतिक दलों को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक दल सकारात्मक राजनीति के बजाय अराजकता, उन्माद फैलाने की कोशिश करते रहे हैं सजनहित के बुनियादी समस्याओं के समाधान की बजाए सिर्फ चुनावी तैयारियां एवं मीडिया की सुर्खियां बटोरती रही है।

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