लगातार बारिश से खतरे के निशान पर आ रहीं नदियां, बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी

- बाराबंकी के कई इलाके बाढ़ से बेहाल, गोंडा-बलरामपुर में भी बढ़ा जलस्तर

- श्रावास्ती में राप्ती नदी खतरे के निशान के ऊपर

By: Karishma Lalwani

Published: 20 Jul 2020, 04:43 PM IST

लखनऊ. मानसून की मेहराबानी से उत्तर प्रदेश में सोमवार को कई जगह झमाझम बारिश हुई। लेकिन भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे दर्जनों गांव बाढ़ से घिर गए हैं। छोटी नदियां, बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए सभी संवेदनशील बंधों की 24 निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा नदियों के जलस्तर पर भी दिन-रात नजर रखने को कहा गया है।

चेतावनी के निशाने पर सरयू का जलस्तर

पिछले कुछ दिनों से नेपाल की पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में बारिश न होने से जिले की ज्यादातर नदियों का जलस्तर स्थिर है या फिर उतार पर है। हालांकि, घाघरा नदी समेत कुछ अन्य नदियों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। लखनऊ स्थित केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सबसे तेजी से घाघरा और गोमती नदी का जल्सतर बढ़ रहा है। वहीं, भगवान राम की नगरी अयोध्या में सरयू का जलस्तर चेतावनी के निशाने पर पहुंच गया है, जिससे कि स्थानीय लोगों ने अब पलायन करना भी शुरू कर दिया है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 1.28 मीटर उपर पहुंच गई है। इसी प्रकार से घाघरा नदी भी बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 0.376 मीटर ऊपर पहुंच गई है।बलरामपुर और गोंडा में भी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बलरामपुर में कई गांव के पास पानी पहुंच चुका है, तो गोंडा में घाघरा की लहरें उफान मार रही है।

राप्ती नदी भी उफान पर

राप्ती नदी भी उफान पर है। हालांकि, नदी के जलस्तर में पहले से कमी तो दर्ज की गई है लेकिन यह अब भी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी के उफान से धान की फसल और नर्सरी बर्बाद हो गई है। पूर्वी यूपी की एक अन्य प्रमुख नदी गोमती भी उफान पर है। यह सीतापुर में नैमिषारण्य से लेकर सीतापुर, लखनऊ, सुलतानपुर एवं जौनपुर में तेजी से बढ़ रही है।

12 गांव प्रभावित होने की कगार पर

प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहने वाली गंगा फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, वाराणसी और बलिया में तेजी से बढ़ रही है जबकि मिर्जापुर, कानपुर देहात, प्रयागराज के फाफामऊ में रायबरेली के डलमऊ तथा गाजीपुर में स्थिर बनी हुई है। उधर, गोमती नदी में बाढ़ के कारण लखनऊ से सटे बीकेटी और इटौंजा के लगभग 12 गांव प्रभावित होने के कगार पर हैं। इसमे जमखनवां, जमखनवां का पुरवा, दुघरा, अचलपुर, अकरडिया खुर्द, अकरडिया कला, लाशा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर, मल्लाहन खेड़ा, चंद्रिका देवी तीर्थस्थल आदि है। हालांकि प्रशासन ने जमखनवां और अकरडिया कला में 35 नाव की व्यवस्था करने का दावा किया है। लेकिन खतरे का निशन अब भी मंडरा रहा है। शासन ने जमखनवां और अकरडिया कला में 35 नाव की व्यवस्था करने का दावा किया है। लेकिन खतरे का निशन अब भी मंडरा रहा है। जहां जलस्तर का खतरा ज्यादा है, वहां एनडीआरएफ की टीमें लगायी गई हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

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