रोबोट करेगा कोरोना से बचाव, रैपिड करेंसी सैनिटाइजर मशीन करेगी नोट सैनिटाइज

कोरोना वायरस (Corona Virus) से संक्रमित लोगों की जांच करना चुनौती बनी हुई है। कोविड-19 अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और स्टाफ को अकर कोरोना से संक्रमण का खतरा सताता रहता है

By: Karishma Lalwani

Published: 15 Jul 2020, 04:26 PM IST

लखनऊ. कोरोना वायरस (Corona Virus) से संक्रमित लोगों की जांच करना चुनौती बनी हुई है। कोविड-19 अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और स्टाफ को अकर कोरोना से संक्रमण का खतरा सताता रहता है। पीपीई किट और अन्य सुविधाएं होने के बाद भी संक्रमण का डर बना रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (AKTU) के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज और ग्रेटर नोएडा के आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज ने एक रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट विश्वविद्यालय में प्रवेश से पहले गेट पर ही लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करेगा। उनसे कोरोना के लक्षण से जुड़े सवाल पूछेगा और उनका नाम, मोबाइल नंबर लेकर गेट पास जारी करेगा।

लो कॉस्ट रोबोट करेगा कोरोना से बचाव

यह रोबोट लो कॉस्ट है। इसे संस्थान के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (केस) के डॉ. अनुज शर्मा, अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. आलोक मिश्रा, शेखर टंडन और शिवम ने मिलकर ऑटो कोविड-19 स्क्रीन बॉट मशीन (रोबोट) बनाई है। मशीन को सेंटर के गेट पर लगाया जाएगा। यहीं से यह रोबोट अंदर जाने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करेगा। यह रोबोट मशीन पूरी तरह से लो कॉस्ट है।

इस तरह होगी स्क्रीनिंग

परिसर में प्रवेश से पहले लोगों को रोबोट के सामने जाना होगा। रोबोट उनसे कुछ सवाल पूछेगा। जवाब के आधार पर उनकी स्क्रीनिंग कर जांच की जाएगी। इसके बाद रोबोट कोरोना के लक्षणों से जुड़े सवाल करेगा। सबकुछ सामान्य रहा तो बॉट एंट्री टोकन देगा। शरीर का टेम्प्रेचर अधिक होगा तो टोकन नहीं मिलेगा। बॉट से हुई स्क्रीनिंग का डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।

रैपिड करेंसी सैनिटाइजर मशीन करेगी नोट सैनिटाइज

एकेटीयू के ही सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में डॉ. अनुज शर्मा और ने छात्र महीप सिंह के साथ मिलकर रैपिड करेंसी सैनिटाइजर एवं डिसइंफेक्शन मशीन विकसित की है। यह मशीन नोट की काउंटिंग के साथ ही उसे सैनिटाइज भी करेगी। मशीन की नोट काउंटिंग क्षमता 200 नोट प्रति मिनट की है। मशीन को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक के निर्देशन में विवि के सहायक आचार्य डॉ. अनुज शर्मा और शोध छात्र महीप स‍िंह द्वारा तैयार किया गया है। प्रो. पाठक ने बताया कि इस मशीन में यूवी रेज और एयरोसोल की प्रक्रिया के माध्यम से नोट सैनिटाइज किए जाते हैं। उनका कहना है कि यह बात भी सामने आ रही है कि वायरस का संचरण नोट के माध्यम से सबसे ज्यादा होने की संभावना है। इसलिए यह मशीन तेजी से नोटों को सैनिटाइज करने में सक्षम है।

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