RTO: वीआईपी नंबरों की अब इतने रुपए में होगी बुकिंग, नहीं चलेगा जुगाड़, नई व्यवस्था लागू

RTO. परिवहन विभाग (Regional Transport Office) के डीलर प्वाइंट (Car Dealers) पर टैक्स जमा होते ही गाड़ी का पंजीयन (Car Registration Number) नंबर आवंटित होने की नई व्यवस्था उन्नाव में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफल होने के बाद पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जा रहा है।

By: Abhishek Gupta

Published: 15 Sep 2021, 09:02 PM IST

लखनऊ. RTO news. अब अगर आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं और चाहते है कि आपको अपनी गाड़ी के लिए मनचाहा नंबर या वीआईपी नंबर (Vehicle VIP number) मिले, तो अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब अगर किसी को भी अपनी गाड़ी के लिए मनचाहा नंबर चाहिए तो गाड़ी खरीदने से पहले गाड़ी के नंबर की बुकिंग करानी होगी। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो डीलर पॉइंट/शोरूम (Car bike showroom) पर जैसे ही गाड़ी का टैक्स जमा होगा, वैसे ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration number) आटोमेटिक अलॉट हो जाएगा।

खास बात यह है कि गाड़ी नंबर अलॉट होने के बाद एआरटीओ (Regional Transport office) से कोई भी जुगाड़ अब काम नहीं आएगा। एआरटीओ सिर्फ गाड़ी नंबर का ऑनलाइन अप्रूवल करेंगे। इस नई व्यवस्था में एआरटीओ और गाड़ी डीलर का गाड़ी नंबर के अलॉटमेंट में कोई दखल नहीं होगा। जल्द ही परिवहन विभाग इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था में डीलर पॉइंट पर गाड़ी के पंजीयन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव करने के आदेश दिए गए हैं।

सभी एआरटीओ को निर्देश जारी-

इस बदलाव के तहत गाड़ी खरीदने वाले के पहले डिजिटल सिग्नेचर और डॉक्यूमेंट अपलोड किए जाएंगे। उसके बाद जैसे ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन टैक्स जमा होगा गाड़ी का सीरीज से नंबर अपने आप ऑटोमेटिक अलॉट हो जाएगा। इस नई व्यवस्था को जल्द ही उन्नाव में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। इस सिलसिले में सभी एआरटीओ को आदेश दिए गए हैं। पंजीयन के जो भी प्रकरण लंबित हैं, उनका निपटारा जल्द कर दिया जाएगा।

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यह होगा रेट-

लखनऊ एआरटीओ (प्रशासन) अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि नई व्यवस्था में गाड़ी मालिक को गैर वीआईपी मनचाहा नंबर पाने के लिए एडवांस बुकिंग करानी पड़ेगी। मालिक को दोपहिया वाहन के लिए 1000 रुपये और चौपहिया वाहन के लिए 5000 रुपये जमा करने होंगे। ऐसे नंबरों की कीमत दो हजार रुपए से लेकर लाख तक जाती है। आपको बता दें की इस नई व्यवस्था से एआरटीओ (प्रशासन) की गाड़ी नंबर देने के अधिकार कम हो जाएंगे। अब तक एआरटीओ गैर वीआईपी नंबर में किसी को भी मनचाहा नंबर दे सकता था, मगर नई व्यवस्था में एआरटीओ को ये अधिकार नहीं होगा।

परिवहन विभाग डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (आईटी ) देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि परिवहन विभाग के डीलर पॉइंट पर टैक्स जमा होते ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर अलॉट होने की नई व्यवस्था उन्नाव से ट्रायल के तौर पर शुरू करने की तैयारी चल रही है। जल्द ही इसे लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

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