सहकारी बैंकों में भर्ती के बदले नियम, अब आईबीपीएस और टीसीएस से ऐसे होंगी, ये है वजह

कर्मचारियों की भर्ती के लिए मुंबई की संस्था इंडियन बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन बोर्ड (आईबीपीएस IBPS) तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के माध्यम से कराई जाएंगी...

लखनऊ. सहकारिता विभाग की भर्तियों (Sahkari Bank Bharti) में हाल के वर्षों में हुए घोटाले के बाद राज्य सरकार ने भर्ती संस्थान सहकारी संस्थागत सेवा मंडल के अधिकारों को सीमित कर दिया है। कर्मचारियों की भर्ती के लिए मुंबई की संस्था इंडियन बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन बोर्ड (आईबीपीएस IBPS) तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services TCS) के माध्यम से कराई जाएंगी।

किया गया ये बदलाव

उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम (Uttar Pradesh Sahkari Samiti Adhiniyam) में इसके लिए बदलाव कर दिया गया है। इस बदलाव के साथ ही प्रमुख सचिव सहकारिता एमवीएस रामीरेड्डी ने शासनादेश जारी कर दिया है। संशोधन के मुताबिक अब सहकारी संस्थागत सेवा मंडल सीधी भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (Uttar Pradesh Rajya Sahkari Bank), जिला सहकारी बैंकों (Jila Sahkari Bank) और सहकारी ग्रामीण विकास बैंकों (Sahkari Grameen Bank) से अधियाचन लेगा। अधियाचन लेने के बाद मुंबई की संस्था इंडियन बैंकिंग सेलेक्शन बोर्ड (Indian Banking Selection Board) को भेजेगा। भर्ती की समस्त प्रक्रियाएं इसी संस्था के द्वारा पूरी की जाएंगी। सेवा मंडल की भूमिका महज मध्यस्थ की होगी।

बैंकों के लिए करता है भर्ती

आपको बता दें कि मुंबई की यह संस्था देश की अधिकांश बैंकों के लिए कर्मचारियों की भर्ती करता है। वहीं सहकारिता की संस्थाएं भंडारण निगम, पीसीएफ आदि की भर्ती के लिए भी सेवा मंडल अधियाचन प्राप्त कर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को भेजेगा। सीधी भर्ती के लिए समस्त प्रक्रियाएं टाटा कंसल्टेंसी के माध्यम से या समय-समय पर सरकार द्वारा चयनित अन्य संस्थाओं के माध्यम से ही कराई जाएंगी।

नितिन श्रीवास्तव
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