अखिलेश को बड़ा झटका, सरकार ने छीना लोहिया ट्रस्ट का बंगला

- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य संपत्ति विभाग ने भेजा था नोटिस

- लोहिया ट्रस्ट के नाम आवंटित विक्रमादित्य मार्ग के बंगले को खाली कराने का भेजा था नोटिस

- शुक्रवार को बंगला हुआ खाली

By: Karishma Lalwani

Updated: 14 Sep 2019, 10:38 AM IST

लखनऊ. लंबे समय से समाजवादी पार्टी के कब्जे में रहा विक्रमादित्य मार्ग स्थित लोहिया ट्रस्ट का बंगला राज्य संपत्ति विभाग ने खाली करवा दिया। ट्रस्ट के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) और सचिव शिवपाल सिंह यादव (Shivpal SIngh Yadav) हैं। वहीं, अखिलेश (Akhilesh Yadav) और कई अन्य सपा नेता ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।

कोर्ट के आदेश पर भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने लोहिया ट्रस्ट के नाम आवंटित विक्रमादित्य मार्ग के बंगले को खाली कराने का नोटिस भेजा था। इसके बाद भी कई नोटिस भेजे गए लेकिन बंगला लंबे समय तक खाली नहीं किया गया था। शुक्रवार को ट्रस्ट ने इसमें रखा सामान हटा दिया।

दरअसल, सेवानिवृत आईएएस एसएन शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि लोहिया ट्रस्ट बंगला नियम विरूद्धा आवंटित किया गया है। इसी के साथ कई अन्य बंगले भी नियम विरूद्ध आवंटित किए गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट और सोसाइटी के अनधिकृत बंगलों को चार महीने में खाली करने का आदेश दिया था।

70 हजार रुपये प्रतिमाह बंगले का किराया

बंगला खाली करने के लिए लोहिया ट्रस्ट ने राज्य संपत्ति विभाग से वक्त मांगा था। आवंटन रद्द होने के बाद ट्रस्ट 70 हजार रुपये प्रतिमाह बंगले का किराया दे रहा था। यह किराया बाजार दर से वसूला जा रहा था।

बंगले का आवंटन पांच वर्ष के लिए

लोहिया ट्रस्ट के लिए बंगले का आवंटन एक जनवरी, 2017 को नए एक्ट से किया गया था। आवंटन 10 साल के लिए किया गया था जबकि संशोधित एक्ट के मुताबिक बंगला पांच साल के लिए आवंटित किया जा सकता है।

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