संजीत की हत्या पर योगी सरकार पर जमकर बरसीं प्रियंका गांधी, कहा गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है कानून व्यवस्था

विकास दुबे (Vikas Dubey) के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद उत्तर प्रदेश का कानपुर एक बार फिर आपराधिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। यहां लैब टेक्नीशन संजीत यादव के अपहरण के बाद हत्या के मामले ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने उत्तर प्रदेश में हो रही आपराधिक गतिविधियों को लेकर निशाना साधा है

By: Karishma Lalwani

Published: 24 Jul 2020, 11:33 AM IST

कानपुर. विकास दुबे (Vikas Dubey) के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद उत्तर प्रदेश का कानपुर एक बार फिर आपराधिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। यहां लैब टेक्नीशन संजीत यादव के अपहरण के बाद हत्या के मामले ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने उत्तर प्रदेश में हो रही आपराधिक गतिविधियों को लेकर निशाना साधा है। प्रियंका ने कहा कि यूपी में एक नया गुंडाराज आया है जिसमें कानून व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।

प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। प्रियंका ने आगे कहा, 'पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और अब उनकी हत्या कर दी गई। एक नया गुंडाराज आया है। इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।'

भाजपा के राज का शर्मनाक क्षरण का प्रतीक

इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संजीत यादव के अपहरण पर कहा था, 'कानपुर से अपहृत युवक का अब तक कोई पता नहीं चला है। उप्र का शासन एवं पुलिस प्रशासन दोनों इस मामले में पूरी तरह से निष्क्रिय क्यों हैं? आशा है युवक सही सलामत अपने परिवार तक पहुँच पायेगा। ये अपहरण भाजपा के राज के शर्मनाक क्षरण का प्रतीक है।'

दोस्तों ने ही रची थी साजिश

रंजीत यादव का अपहरण करीब एक महीने पहले हुआ था। संजीत के दोस्तों ने ही उसका अपहरण किया था। उन्होंने पैसों के लालच में संजीत का अपहरण कर मोटी रकम मांगी थी। लेकिन दोस्तों ने उसकी हत्या कर दी और शव को पांडु नदी में फेंक दिया। गुरुवार रात पुलिस ने दो दोस्तों समेत चार युवकों और एक युवती को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने 26 जून को ही हत्या करके शव पांडु नदी में बहाया जाना कबूल किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने संजीत की बाइक बरामद कर ली। हालांकि शव की बरामदगी नहीं हुई, इसलिए पुलिस भी हत्या की पुष्टि नहीं कर पाई। इस बीच सुबह से लेकर शाम तक पीएसी ने पांडु नदी के किनारे शव की घंटों तलाश की। शव नहीं मिलने पर देर रात पीएसी की एक मोटर बोट मंगाकर तलाशी शुरू कराई गई।

कॉल डिटेल से मिले सुराग

पुलिस ने संजीत की कॉल डिटेल खंगाली थी जिससे उन्हें कई सुराग मिले थे। संदेह के आधार पर पुलिस ने संजीत के दो दोस्तों समेत चार युवकों और एक युवती से पूछताछ की तो उन्होंने सब सच बताया। संजीत के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने संजीत की हत्या कर दी थी और बचने के लिए शव को पांडु नदी में फेंक दिया। आरोपियों ने बताया कि संजीत अपनी पैथोलॉजी लैब खोलना चाहता था। कुछ पैसा जुटाने और जरूरत पर गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से लोन लेने की बात बताई थी। इसी से संजीत का अपहरण करके फिरौती मांगने का ख्याल आया। उन्होंने दो अन्य साथियों की मदद से प्लान बनाया। सचेंडी की दुकान से दो सिमकार्ड खरीदे और फोन करके 30 लाख रुपये की मांग की। दोस्तों ने फिरौती की रकम मिलने से इन्कार किया है।

ये भी पढ़ें: पत्रकार हत्या मामले में सीएम योगी ने लिया संज्ञान, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों को निशुल्क शिक्षा का ऐलान

Karishma Lalwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned