सर्दियों में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका, डेंगू का बढ़ा खतरा

- कोरोना से मौतें रोकने के लिए इटली मॉडल पर रिहर्सल

- मरीजों की देखभाल में हो रहा बदलाव

- मुख्य सचिव अमित मोहन कोरोना पॉजिटिव

By: Karishma Lalwani

Published: 02 Nov 2020, 04:12 PM IST

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या में पिछले कुछ दिनों से कमी आ रही है। पहले जहां रोजाना 20-30 नए मामले सामने आते थे, वहीं अब यह संख्या घट रह ही। हालांकि, इसे एक शुभ संकेत नहीं माना जा सकात है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में संक्रमण की दूसरी लहर (वेव) दस्तक दे सकती है। इसका मतलब यह है कि आगामी सर्दी में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी होने की आशंका है। उधर, कोरोना वायरस के साथ-साथ डेंगू का प्रकोप भी शुरू हो गया है। देश व प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में डेंगू ने अपने पांव पसारना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ में भी डेंगू का कहर शुरू हो चुका है। शहर में अब तक कई लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। शनिवार को राजधानी लखनऊ के अलीगंज, इंदिरानगर, शारदानगर, गोमतीनगर व जानकीपुरम से 16 नए मरीज मिले। जबकि रविवार को दो भाई-बहन की डेंगू से मौत हो गई। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है।

मौतें रोकने के लिए इटली मॉडल पर रिहर्सल

कोरोना की सेकेंड पीक से आम जनता भले ही अंजान है लेकिन डॉक्टर बेचैन हैं। डर है कि कहीं एक बार फिर स्थिति पहले जैसी भयावह न हो जाए। खासतौर से सर्दी में मौतें रोकने के लिए कोरोना से लड़ने की जद्दोजेहद में जुट गए हैं। सेकेंड पीक में विभिन्न शहरों में अपने शहर की मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से इलाज की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, यूपी में कोरोना से मौतें रोकने के लिए इटली मॉडल पर रिहर्सल शुरू कर दिया गया है। दूसरे लहर में देखभाल-इलाज प्रबंधन कैसे और क्या होगा? पहले के अनुभव किस तरह इस्तेमाल होंगे और उनमें क्या संशोधन किया जा सकता है? इस पर चर्चा शुरू हो गई है।

मरीजों की देखभाल में बदलाव

कोरोना को लेकर लोग अब पहले से बेपहरवाह हो रहे हैं। पार्टी और कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बाजारों में भी लग बिना मास्क के अब घूमने लगे हैं। इस लापरवाही को देखते हुए मरीजों की देखभाल में कुछ बदलाव किया गया है। साथ ही एंटीवायरल दवाओं, प्लाज्मा थेरेपी, इम्युनोग्नोबिन थेरेपी के रिजल्ट पर भी चर्चाएं जारी हैं। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ अग्रवाल का कहना है कि हम लोगों ने मरीजों की देखभाल में कुछ बदलाव किया है। हालांकि आईसीएमआर की पूरी गाइडलाइन का पालन करते रहेंगे मगर अपनी ओर से भी किए प्रयासों को सूचीबद्ध करेंगे।

सेकेंड पीक के लिए तैयारी

कुछ देशों में कोरोना का सेकेंड पीक काफी खतरनाक स्थिति में है। यूपी में भी इस तरह की स्थिति न हो जाए इसको लेकर सावधानी बरतनी होगी। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. एसके गौतम ने कहा कि आईसीएमआर की गाइडलाइन फॉलो करते हुए मरीजों की स्थिति के अनुसार हम लोगों ने कुछ नई चीजें भी जोड़ी हैं। इससे मरीजों को बचाने में सफलता मिली है। कुछ एंटीवायरल दवाओं और स्टेरायड के डोज को लेकर नए प्रयोग किए गए हैं। इससे निश्चित तौर पर मौतों को रोकने में मदद मिलेगी।

अमित मोहन कोरोना पॉजिटिव

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें इलाज के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती किया गया है।एंटीजन टेस्ट में उन्हें कोविड-19 होने की पुष्ट हुई है। उनका नमूना आरटीपीसीआर जांच के लिए भी भेजा गया है। बता दें कि बीते एक-दो दिनों से उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे। इस पर उन्होंने अपना एंटीजन टेस्ट करवाया। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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