योगी की गुफा में दहाड़ेंगे गुजरात के शेर

योगी की गुफा में दहाड़ेंगे गुजरात के शेर
योगी के राज्य में दहाड़ेंगे गुजरात के शेर

Karishma Lalwani | Updated: 17 Sep 2019, 05:24:29 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- गुजरात सरकार उत्तर प्रदेश को सासण गीर जंगल में पले बढ़े एशियाई शेर देने की तैयारी में है

- 26 सितंबर से गोरखपुर के जू में जल्द एशियाई शेरों की दहाड़ गूंजेगी

 

लखनऊ. गुजरात सरकार उत्तर प्रदेश को सासण गीर जंगल में पले बढ़े एशियाई शेर देने की तैयारी में है। 26 सितंबर से यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) के गोरखपुर के जू में जल्द एशियाई शेरों की दहाड़ गूंजेगी। साढ़े तीन साल बाद ऐसा मौका होगा जब यूपी में गुजरात से शेर लाए जाएंगे।

जूनागढ़ के सक्करबाग जू से पहले आठ शेरों को गोरखपुर जू लाए जाने की तैयारी थी। इनमें दो शेर और छह शेरनी शामिल थीं। लेकिन एक शेरनी के बीमार पड़ने के कारण अब यह संख्या कम हो गई है। इन शेरों को पहले इटावा लायन सफारी पार्क में 22 मई को लाया जाने वाला था, लेकिन उत्तर प्रदेश में तेज गर्मी के कारण वन विभाग को शेरों के भेजने का कार्यक्रम आगे बढ़ाना पड़ा। जू एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इन शेरों का स्थानांतरण किया जाना है। लेकिन जब तक गोरखपुर जू पूरी तरह से बन कर तैयार नहीं हो जाता, तब तक गुजरात के शेरों को कुछ समय के लिए इटावा सफारी पार्क में रखा जाएगा। ऐसे में इटावा सफारी पार्क (Etawah Safari Park) में सात शेरों को भेजा जाएगा।

जू लाने से पहले शेरों का मेडिकल चेकअप

लायन सफारी पार्क में लाने से पहले शेरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिनमें एक शेरनी न्यूरोलॉजिकल संबंधित समस्या से पीड़िता पाई गई। दरअसल, जू एनीमल एक्सजेंच प्रोग्राम के तहत 2013 से 2015 के बीच इटावा सफारी पार्क में 10 शेर लाए गए थे। इनमें से पांच की कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस के कारण मौत हो गई थी। अलग-अलग शेरों के जोड़े से पैदा हुए पांच शावकों की भी मौत हो गई थी। तब अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की सरकार थी। शेरों की मौत पर तब समाजवादी पार्टी की काफी आलोचना की गई थी। इसके बाद पार्क में बाघों का स्वास्थ्य परीक्षण यूएस के सैन डीगो जू से मंगवाए गए वैक्सीन के जरिये किया गया।

गोरखपुर जू में अधिकतम तीन शेर

गोरखपुर जू में सात शेरों को लाए जाने की योजना है। लेकिन जगह और स्पेस की कमी को देखते हुए जू में अधिकतम तीन शेरों के आने की संभावना है। ऐसे में बचे शेरों को कुछ समय के लिए इटावा सफारी पार्क में रखा जा सकता है। गुजरात सरकार ने 11 जून को शेर उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दिए थे।

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