सांस लेने में दिक्कत होना गंभीर फेफडों की बीमारी, हो सकता है अटैक

चेस्ट फिजिशयन डाॅ. बी.पी. सिंह ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत होती है तो सीओपीडी की जांच कराना जरूरी है। सीपीओडी का पता छह सेकेण्ड की साधारण स्क्रीनिंग से लग सकता है।

लखनऊविशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर में सबसे आम फेफडों की बीमारी सीओपीडी चिंता का विषय है। क्रोनिक ऑब्स्ट्रेक्टिव पल्मोनेरी डिसीज (सीओपीडी) तीसरा मौत का सबसे बड़ा कारण है। भारत में तकरीबन 15 मिलियन लोग सीओपीडी से पीडि़त है। इससे ज्यादा चिंता का विषय क्या होगा कि अमेरिका और यूरोप की तुलना में भारत के मेट्रो शहरों में चार गुना ज्यादा मृत्यु का कारण सीओपीडी है
विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों में सीओपीडी के प्रति जागरूकता की कमी है इसलिए सीओपीडी की जानकारी और शिक्षित करना बहुत जरूरी है ताकि लोगों को सीओपीडी के रिस्क कारकों जैसे तंबाकू स्मोक, बाॅयोमाॅस ईधन का धुआं और फैक्टरी के प्रदूषण, धुएं और पर्यावरण प्रदूषकों की जानकारी मिल सके।

अस्थमा के रोगियों में सीओपीडी का पता चलना हो जाता है काफी मुश्किल

चेस्ट फिजिशयन डाॅ बी.पी. सिंह ने बताया अस्थमा और सीओपीडी रोगियों को सांस लेने में तकलीफ होती है इसलिए सीओपीडी का पता चलना काफी मुश्किल हो जाता है और इसके अलावा भारत में सीओपीडी के शुरूआती निदान के लिए बहुत कम विकल्प है। ज्यादातर रोगी डाॅक्टर के पास एडवांस स्टेज पर जाते है जिससे फेफडों का अटैक होने का चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाता है जिससे रोगी और परिवार को मुश्किल हो जाती है।

बहुत घातक होता है फेफडे में अटैक
विशेषज्ञों के मुताबिक फेफडे में अटैक बहुत घातक होता है जिससे रोगी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है जिससे रोगी व परिवार को आर्थिक व भावनात्मक प्रभाव पड़ता है। डाॅक्टरों के अनुसार सीओपीडी के इलाज का प्रमुख उद्देश्य इसे रोकना और फेफडों के अटैक में देरी करना है।

छह सेकेण्ड की स्क्रीनिंग से चल जाता है पता
विशेषज्ञों के अनुसार जल्दी स्क्रीनिंग से सीओपीडी के लक्षणों का पता चलता है और ये बहुत ही साधारण स्क्रीनिंग है। छ सैकेंड में डाॅक्टर को सीओपीडी न होने की जानकारी मिल जाती है या फिर वह सीओपीडी की पुष्टि करने के लिए अधिक टेस्ट कराने का सुझाव देते है।

विशेषज्ञों के मुताबिक जितनी जल्दी सीओपीडी का पता  चल जाएं उतना ही प्रभावी इलाज हो सकता है। अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो रही हो और आपकी उम्र 35 साल से ज्यादा है और आप धूम्रपान, धुएं, गैस इत्यादि जैसे क्षेत्रों में काम करते है या आसपास रहते है या आप धूम्रपान करते है तो डाॅक्टर से सीओपीडी का साधारण स्क्रीनिंग टेस्ट करवाकर सीओपीडी की बीमारी का पता लगवा सकते है।
Rohit Singh
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