शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को दाऊद की धमकी

Ashish Pandey

Publish: Jan, 14 2018 07:49:22 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को दाऊद की धमकी

गुर्गे ने कहा-मौलानाओं से मांगों माफी नहीं तो जान से मार देंगे।

 

लखनऊ. वसीम रिजवी को जान से मारने की धमकी मिली है। यूपी शिया सेंट्रल वक्फ वोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गों ने जान से मारने की धमकी दी है। वसीम रिजवी को यह धमकी मदरसों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र के कारण मिली है। रिजवी ने बताया कि शनिवार रात साढ़े दस बजे नेपाल से दाऊद के किसी गुर्गे का फोन आया और मदरसा विवाद को लेकर दाऊद इब्राहिम का संदेश देते हुए धकमी दी।

कहा-मौलानाओं से माफी मांगों नहीं तो उड़ा देंगे

वसीम रिजवी ने बताया कि दाऊद के गुर्गे ने कहा कि तत्काल मौलानाओं से माफी मांगो नहीं तो आपको और आपके परिवार को धमाके से उड़ा दिया जाएगा। रिजवी ने कहा कि इससे ये बिल्कुल साबित हो गया है कि कुछ कट्टरपंथी लोग सीधे दाऊद से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुझको दी गई इस धमकी की रिकॉर्डिंग मेरे पास मौजूद है। मैंने दाऊद और उसका मैसेज देने वाले उसके बेनाम गुर्गे के खिलाफ रात १२.३० बजे केस दर्ज कराया है।
एएसपी विकासचंद त्रिपाठी ने बताया कि कि वसीम रिजवी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। धमकी देने वाले की तलाश की जाएगी। पुलिस मामले की गंभीरता के साथ सभी पहलूओं पर जांच कर रही है। धमकी के बाद वसीम रिजवी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

क्या है मामला?

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रेसिडेंट वसीम रिजवी ने मोदी और योगी को एक पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था कि आतंकी संगठन अवैध रूप से चल रहे कुछ मदरसों की फंडिंग करते हैं। कितने मदरसों ने डाक्टर-इंजीनियर दिए। इन्हें खत्म करने की जरूरत है।

मदरसों पर रिजवी का पत्र, कुछ प्वाइंट

कितने मदरसों ने डाक्टर-इंजीनियर दिए?

रिजवी ने लिखा कि कितने मदरसों ने इंजीनियर, डाक्टर और आईएएस अफसर दिए? कुछ मदरसों ने आतंकवादी जरूर पैदा किए।

मदरसों को खत्म करने की जरूरत
उन्होंने लिखा कि कुछ संगठन और कट्टरपंथी मुस्लिम बच्चों को सिर्फ मदरसे की शिक्षा देकर उन्हें सामान्य शिक्षा की मुख्यधारा से दूर कर रहे हैं। मदरसों में जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनकी शिक्षा का स्तर निचला है। मदरसों को खत्म करने की जरूरत है और उसकी जगह सामान्य शिक्षा नीति बनाई जाए।

सीबीएसई, आईसीएससी से जोड़े जाएं मदरसे

वसीम रिजवी ने लिखा कि मदरसों को सीबीएससी, आईसीएससी से जोड़ा जाए और इनमें नॉन मुस्लिम स्टूडेंट्स को पढऩे की इजाजत दी जाए। धार्मिक शिक्षा को इसमें ऑप्शन रखा जाए। इससे देश मजबूत होगा।

मदरसों के बच्चे आतंकियों का आसान शिकार
मदरसों में स्टूडेंट्स को सही शिक्षा ना मिलने का नतीजा होता है कि वो देश की मुख्य धारा से अलग-थलग हो जाते हैं। धीरे-धीरे आतंकवाद की ओर उनका रूझाान बढ़ जाता है। ऐसे गरीब और पिछड़े बच्चे आतंकियों के लिए ऐसे गरीब और पिछड़े बच्चे आतंकियों के लिए एक आसान शिकार की तरह होते हैं।

मदरसों को हो रही फंडिंक की जांच की जाए

रिजवी ने लिखा कि अधिकत मदरसे जकात के पैसे से चल रहे हैं, जो भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से आ रहे हैं। कुछ आतंकवादी संगठन भी अवैध रूप से चल रहे मदरसों को फंडिंग कर रहे हैं। मुस्लिम इलाकों में ज्यादातर मदरसे सऊदी अरब की फंडिंग चल रहे हैं। इसकी जांच की जानी चाहिए।

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