सेक्युलर मोर्चे के ऐलान के बाद शिवपाल ने पहली बार अखिलेश पर कही बड़ी बातें, गठबंधन पर भी किया खुलासा

सेक्युलर मोर्चे के ऐलान के बाद शिवपाल ने पहली बार अखिलेश पर कही बड़ी बातें, गठबंधन पर भी किया खुलासा

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 11 2018 06:59:18 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के ऐलान के बाद आज शिवपाल सिंह यादव ने पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के बड़े मंच से दिल की बातें कहीं।

लखनऊ. समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के ऐलान के बाद आज शिवपाल सिंह यादव ने पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के बड़े मंच से दिल की बातें कहीं। बीते दिनों वे सपा अध्यक्ष अखिलेश यावव पर किसी तरह की बयानबाजी से बच रहे थे। वह केवल पार्टी की रणनीति व 2019 चुनाव पर ही टिप्पड़ी कर रहे थे, लेकिन आज राजधानी में आयोजित श्री कृष्ण वाहिनी के राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, पर अखिलेश यादव पर खूब निशाना साधा। और वह सब कुछ कहा जिसकी लोग और खासतौर पर उनके खेमे के सदस्य उम्मीद कर रहे थे।

80 के दशक चाह रहे थे पार्टी से टिकट-

समाजावदी पार्टी को अपने खूस पसीने से नेताजी के साथ सींचने वाले शिवपाल सिंह यादव ने आरंभ अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों से किया, जिसमें उन्होंने महीनों-महीनों पार्टी के लिए चुनाव के दौरान साइकिल चलाने, साइकिल मिल जाने मात्रभर से कैसे किसी बड़ी गाड़ी पाने जैसी खुशी मिल जाने व राजनीति में जाने के लिए बड़ी नौकरी को लात मारने जैसी बात कहीं। वहीं 80 के दशक में टिकट न मिलने का और 96 में देरी से टिकट मिलने का मलला भी उन्होंने पेश कि किया। सपा के लिए इतना संघर्ष कर पार्टी में यूं उपेक्षित होने का दर्द भी शिवपाल के शब्दों में साफ पता चला। और उस उपेक्षा से उनका आहत होना भी साफ दिखा।

अखिलेश पर खूब कसे तंज-

इस मौके पर वो पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर अप्रत्यक्ष रूप से ही सही बहुत कुछ बोल गए। आज उन्होंने रावण, कंस की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ये सब सत्य के खिलाफ थे, धर्म को नाश करने की कोशिश कर रहे थे, अतः मारे गए। और आज भी कंस पदा हो रहे हैं। इसके साथ ही वे अखिलेश के मामले के करीब पहुंचे औऱ कहा कि कभी कभी लोग का दिमाग असंतुलित हो जाता है। वो कहते हैं न सत्ता पाये कोय माध आये मत। सत्ता पाकर कभी अभिमान नहीं आना चाहिए। मैंने तो कभी कोई पद नहीं मांगा नहीं। लेकिन कुछ लोगों को बिना मेहनत के ही सबकुछ मिल जाता है। उक्त बयान देकर शिवपाल ने साफ कर दिया कि सपा अध्यक्ष से उनकी खटास काफी बढ़ चुकी है। इसका असर आगे भी देखने को मिल सकता है।

शिवपाल ने कहा- जो दरवाजे पर आता है उसे खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए-

शिवपाल ने इस दौरान इशारो-इशारों में भाजपा व अन्य दलों से आए ऑफर पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि "समय ऐसा आया कि हम कुछ कर नहीं सकते थे। कुछ लोग थे जो गलत काम करवाना चाहता था, लेकिन मुझे करना नहीं था गलत काम। लेकिन जो दरवाजे पर आता है उसे खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए।" यह तो सत्य है कि भाजपा के साथ अन्य दल भी शिवपाल को अपने-अपने खेमें में शामिल करने की जुगत में लग गए हैं। शिवपाल भी कह चुके हैं कि उनके बगैर 2019 में किसी की सरकार नहीं बनेगी। ऐसे में उनका "उसे खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए" वाला बयान संकेत है कि वो जल्द ही सही मौके देख किसी बड़ी पार्टी का साथ दे सकते हैं।

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