शिवपाल के सेक्युलर मोर्चे से बढ़ा अखिलेश पर दबाव, 2019 चुनाव से पहले आ सकती हैं मुश्किलें

शिवपाल के सेक्युलर मोर्चे से बढ़ा अखिलेश पर दबाव, 2019 चुनाव से पहले आ सकती हैं मुश्किलें

Akansha Singh | Publish: Sep, 04 2018 12:04:36 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनने अखिलेश यादव इन दिनों दबाव में आ गए हैं।

लखनऊ. शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनने अखिलेश यादव इन दिनों दबाव में आ गए हैं। 2019 में होने वाले चुनाव को लेकर वे काफी सजग हो गए हैं। यही वजह है कि वे पार्टी के कार्यकर्ताओं और खास तौर पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिवपाल यादव अपने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा को लेकर एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने मोर्चे के संगठनात्मक ढांचे पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है।

इन नेताओं ने थामा शिवपाल का दामन

शिवपाल यादव के नए मोर्चा बनाने के बाद अखिलेश की परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीँ शिवपाल यादव एक्शन में हैं। समाजवादी सेक्यूलर मोर्चे के गठन का ऐलान करने के बाद उसी दिन छह बार के विधायक और टिकट कटने की वजह से बहुजन समाज पार्टी में गए कमाल यूसुफ मलिक ने शिवपाल का दामन थाम लिया। बता दें 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कमाल यूसुफ मलिक के स्थान पर डुमरियागंज से टिंकू यादव को टिकट दे दिया गया था जिससे युसूफ काफी आहत हुए थे और उन्होंनें सपा छोड़ कर बसपा की सदस्यता ले ली थी।

फुलफार्म में हैं शिवपाल

भले ही शिवपाल और उनके समर्थक इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन एक बात तो स्पष्ट हो चुकी है कि अब शिवपाल यादव फुलफार्म में आ चुके हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भी शिवपाल यादव को बिना झंडे के देखा गया है। पहली बार 30 दिसंबर 2017 को शिवपाल यादव की गाड़ी को बिना झंडे के देखा गया था। उसके बाद से शिवपाल यादव के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, तब शिवपाल सिंह यादव ने झंडा उतारे जाने के मुद्दे पर यह कहते हुए सफाई दी थी कि उनकी गाड़ी दिल्ली मे सर्विस के लिए गई हुई है, जिसमे झंडा लगा हुआ है। इस गाड़ी में झंडा लग नहीं सकता, इसलिए नहीं लगा है।

एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते चाचा भतीजे

चाचा कह रहे हैं कि भतीजे की पार्टी में उनका सम्मान नहीं है, वहीं अखिलेश का कहना है कि हम चाचा का दिल से सम्मान करते हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अखिलेश और शिवपाल यादव एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते। शिवपाल इंतजार कर रहे हैं कि कब अखिलेश यादव उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दें, ताकि जनता में मैसेज जाये कि वह आखिर तक पार्टी को एकजुट करने में लगे रहे। सेक्युलर मोर्चा बनाने से पहले शिवपाल यादव ने कहा था कि डेढ़ साल से वह पार्टी में सम्मानित पद का इंतजार कर रहे हैं। मुलायम के सम्मान के बहाने भी वह अखिलेश यादव पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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