शिवपाल ने कंस-रावण का उदाहरण देकर अखिलेश पर कसा तंज, पार्टी से दूरी बनाने की बताई ये वजह

शिवपाल ने कंस-रावण का उदाहरण देकर अखिलेश पर कसा तंज, पार्टी से दूरी बनाने की बताई ये वजह

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 11 2018 04:10:06 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शिवपाल ने दिखाई अपनी ताकत, 2022 में सीएम पद का लड़ सकते हैं चुनाव

लखनऊ. समाजवादी सेकुलर मोर्चा का गठन करने के बाद शिवपाल जमीन पर इस संगठन को मजबूत करने में लग गए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपनी ताकत दिखाने की शुरुआत उन्होंने कर दी है। मंगलवार को श्री कृष्ण वाहिनी के राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में उन्होंने कंस,रावण का उदाहरण देकर एक तरफ अखिलेश पर तंज कसे तो दूसरी ओर से समाजवादी पार्टी से दूरी बनाने का भी बता दिया। वह बोले , ''मुझे पद की लालसा नहीं थी। मुझे बस सम्मान चाहिए था जो एक बुजुर्ग नेता का होना चाहिए। ये सम्मान मुझे सपा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नहीं मिला। मैं अलग नहीं होना चाहता था, कई बार सोचा लेकिन मजबूरी में ये कदम उठाया। सम्मान के लिए ये कदम उठाया।''

कंस, रावण के बहाने अखिलेश पर तंज

इस कार्यक्रम के दौरान शिवपाल यादव ने रावण और कंस का उदाहरण देकर अखिलेश यादव पर तंज कसा। वह बोले, रावण विद्वानी था शक्तिशाली था उसे वरदान था। लेकिन राम सत्य , धर्म और मर्यादा पुरुष थे।ऐसे लोगों की विजय होती है। रावण भी हारा, लंका भी फुंकी। इसी तरह मथुरा में कंस हुआ , कंस मामा था। आज भी कंस पैदा हो गए हैं। बहनोई को कितना पवित्र और बहन को कितना पवित्र मानते हैं। लेकिन मामा द्वारा जेल में डाल दिया गया। आज भी ये हैं।
जब कोई धर्म को नाश करने की कोशिश करता है, तो रावण और कंस जैसा हाल होता है। धर्म कहता है कि सबके साथ न्याय होना चाहिए। भगवान कृष्ण भी यही कहते थे। शिवपाल के इस बयान पर जमकर तालियां बजीं।


नौकरी का मौका था लेकिन राजनीति में आ गया

इस दौरान शिवपाल यादव ने ये भी खुलासा किया कि वे सरकारी नौकरी करने जा रहे थे लेकिन मुलायम सिंह यादव के कहने पर राजनीति में आ गए। शिवपाल ने कहा, 'मेरा एक इंटर काॅलेज में, एक बैंक में फील्ड अफसर के तौर पर अपाॅइंटमेंट भी हुआ था लेकिन नेताजी चाहते थे मैं राजनीति में आऊं। आज के लोग पद के पीछे भागते हैं। नेताजी के चुनाव हमने दिनभर साइकल चलाकर लड़ाए। आज कुछ घंटे कुछ लोग साइकल चलाते हैं और बड़ी बात मानी जाती थी। मैंने नेताजी के कपड़े भी धोए हैं। मैंने सबकी मदद की। लेकिन कई लोग सुदामा नहीं निकले। अगर जरूरत है तो चोरी तो बर्दाश्त है लेकिन डकैती नहीं। फिर भी कई लोगों ने मुझे ठगा।

मिशन 2022 की तैयारी

इस दौरान शिवपाल यादव ने संकेत दिए कि वे न सिर्फ 2019 लोकसभा चुनाव बल्कि 2022 विधानसभा चुनाव में सपा का नुकसान करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान शिवपाल को .2022 में सीएम बनाने के स्लोगन गाए गए। यहां तक की एक गाना भी गाया गया जिसके बोल कुछ यूं थे- 'लोहिया जैसा माथा है, शेर जैसा सीना है.. नाम है शिवपाल...समाजवादी मोर्चा का ये असली नगीना हैं। 2022 में सीएम शिवपाल को बनाना है, हमें ये वादा निभाना है। ये कृष्ण बनकर आए हैं, हमें सुदामा बनकर चलना है।' इस मौके पर पूर्व विधायक कमाल युसुफ ने भी शिवपाल की जमकर प्रशंसा की। वह बोले कि सब सबको मिलकर इन्हें आगे बढ़ाना है और अगला सीएम बनाना है।


श्रीकृष्ण वाहिनी पहले सपा को करती थी समर्थन

बता दें कि श्रीकृष्ण वाहिनी एक समाजिक संगठन है। इसके अध्यक्ष विजय यादव हैं। ये लोहिया वाहिनी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस संगठन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि दस हजार से ज्यादा इसके सदस्य हैं। अभी तक समाजवादी पार्टी को ये संगठन समर्थन देता था लेकिन अब शिवपाल के समाजवादी सेकुलर मोर्चा को समर्थन देगा। संगठन के सदस्य कहना था कि अखिलेश यादव की ओर से मिली बेरुखी को देखते हुए उन्होंने ये फैसला लिया है।

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