छठवें और सातवें रण में यूपी के इन सेनापतियों का इम्तिहान, सामने हैं यह मुश्किलें

छठवें और सातवें रण में यूपी के इन सेनापतियों का इम्तिहान, सामने हैं यह मुश्किलें

Hariom Dwivedi | Publish: May, 11 2019 02:50:33 PM (IST) | Updated: May, 11 2019 03:08:15 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- लोकसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान १२ मई को

- सातवें चरण का मतदान १९ मई को

- दांव पर लगी इन सेनापतियों की दिग्गजों की प्रतिष्ठा

लखनऊ. लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। छठे चरण में 12 मई को उत्तर प्रदेश की १४ सीटों पर और सातवें चरण में १९ मई को १३ लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी सहित कई पार्टियों के सेनापतियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इनमें समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेेश यादव, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्रनाथ पांडेय जैसे सेनापति चुनाव मैदान में हैं। इनके सामने न सिर्फ अपनी सीट जीतने की चुनौती है, बल्कि पार्टी के अन्य प्रत्याशियों के प्रदर्शन से भी इनकी रणनीतिक कुशलता आंकी जाएगी। लोकसभा चुनाव परिणाम २३ मई को आएगा।


अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश लाल उर्फ निरहुआ हैं। सपा मुखिया होने के नाते अखिलेश यादव के सामने न सिर्फ आजमगढ़ सीट जिताने की जिम्मेदारी है, बल्कि सूबे की अन्य सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों को जिताना भी बड़ी चुनौती है।


महेंद्रनाथ पांडेय

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय चंदौली से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने समाजवादी पार्टी के संजय सिंह चौहान और कांग्रेस प्रत्याशी शिवकन्या कुशवाहा की तगड़ी चुनौती है। २०१४ में महेंद्रनाथ पांडेय ने चंदौली लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इस बार उनके सामने अपनी सीट बचाने के अलावा उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत का भी दारोमदार है।


अनुप्रिया पटेल

केंद्र की मोदी सरकार में सहयोगी अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव मैदान में हैं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के सामने समाजवादी पार्टी के राम चरित्र निषाद के रूप में गठबंधन की चुनौती है तो कांग्रेस ने भी ललितेश पति त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की दो सीटों (मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज) पर चुनाव लड़ रही है। इन पर जीत दर्ज करना बड़ी चुनौती है।


ओम प्रकाश राजभर

ओम प्रकाश राजभर भले ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन पार्टी सुहेलदेव राजभर ने पूर्वांचल की ३९ सीटों पर प्रत्याशी खड़े किये हैं। योगी सरकार में शामिल होने के बाद से ही राजभर सरकार के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। बीजेपी से सुभासपा को सीटें न दिये जाने से नाराज राजभर अकेले ही चुनाव मैदान में हैं। इस चुनाव में खुद को साबित करना उनके लिए बड़ी चुनौती है, वरना चुनाव परिणाम के बाद उनकी राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


प्रवीण निषाद

'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' (निषाद) पार्टी के प्रवीण निषाद इस बार संतकबीर नगर से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। उनके सामने गठबंधन से बसपा प्रत्याशी भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी हैं।


छठे चरण में प्रमुख चेहरे

अखिलेश यादव (आजमगढ़), मेनका गांधी (सुलतानपुर), रीता बहुगुणा जोशी (इलाहाबाद), अक्षय प्रताप सिंह (प्रतापगढ़), मुकुट बिहारी वर्मा (अंबेडकरनगर) और दद्दन मिश्रा (श्रावस्ती) हैं।

 


19 मई- सांतवां चरण (13 सीटें)
महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, राबर्ट्सगंज

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