असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए उप्र असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित

वृद्धावस्था के दौरान पंजीकृत कर्मकारों को अटल पेंशन योजना के तहत मिलेगा एक हजार रुपये मासिक पेंशन

 

Anil Ankur

September, 1308:07 PM

Lucknow, Uttar Pradesh, India

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की मदद के लिए सराकर ने यूपी राज्य असंगठित कर्मकार सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है। इसमें एक जनवरी 2019 से कर्मकारों का पंजीकरण किया जाएगा और कर्मकारों की 45 श्रेणियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम व नियमावली
प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि केन्द्र सरकार के असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-2008 के तहत ही प्रदेश सरकार नेे यूपी असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा नियमावली-2016 बनाई है। ऐसे कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 10 वर्ष बाद प्रदेश सरकार की पहल पर 'उत्तर प्रदेश राज्य असंगठित कर्मकार सुरक्षा बोर्ड' का गठन किया गया है।

साढ़े चार करोड़ मजदूरों को मिलेगा लाभ

मंत्री ने बताया कि इस बोर्ड के अध्यक्ष, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री तथा सदस्य सचिव, प्रमुख सचिव श्रम होंगे। इसके अतिरिक्त इसमें 28 सदस्य भी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बोर्ड के गठन के बाद 4.5 करोड़ असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी तथा इनका पंजीयन कर इन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। इस बोर्ड का मुख्य काम सरकार को सिफारिश करना, योजनाओं का अनुश्रवण, अभिलेखों का रखरखाव, कर्मकारों का पंजीयन तथा पहचान पत्रों का वितरण व अनुश्रवण, शिकायतों की सुनवाई व निस्तारण, कल्याण निधि का व्यय व रखरखाव आदि होगा।

ये 45 श्रेणियां की गई हैं चिह्नित

श्रम मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे कर्मकारों की 45 श्रेणियां चिन्हित की हैं, जिसमें धोबी, माली, दर्जी, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, मछुआरा, गाड़ीवान, आटो चालक, ढोल/बाजा बजाने वाले, खेतिहर मजदूर, तांगा/बैलगाड़ी चालक, अगरबत्ती व घरेलू उद्योग के मजदूर, टेंट हाउस में काम करने वाले, भड़भूंजे, घरेलू कर्मकार, कूड़ा/हड्डी बीनने वाले, फुटकर सब्जी/फल व फूल विक्रेता, हाथ ठेला चालक, चाय/चाट ठेला लगाने वाले, फुटपाथ व्यापारी, हमाल/कुली, जनरेटर/लाइट उठाने वाले, केटरिंग में कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटर साइकिल/साइकिल मरम्मत करने वाले, गैरेज कर्मकार, परिवहन में लगे कर्मकार, सफाई कामगार, पशुपालन/मत्स्य पालन/मुर्गी/बत्तख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में काम करने वाले मजदूर, चरवाहा/दूध दूहने वाले, नाविक, नट-नटिनी, रसोइया, समाचार पत्र बांटने वाले (हाकर), ठेका मजदूर, सूत रंगाई/कताई/धुलाई का कार्य करने वाले दरी/कम्बल/जरी/जरदोजी/चिकन का कार्य करने वाले, मीटशॉप कर्मकार, डेयरी कर्मकार तथा कांच की चूड़ी व अन्य कांच उत्पादों में स्वरोजगार कार्य करने वाले कर्मकार आदि शामिल हैं।

Anil Ankur
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