सॉफ्ट हिन्दुत्व पर लड़ा जाएगा UP विधानसभा चुनाव, प्रियंका काशी में, शिवपाल मथुरा में, कहाँ जाएंगे अखिलेश यादव और माया?

उत्तर प्रदेश में इस समय राजनीतिक उठापटक में एक बात साफ देखने को मिल रही है। कोई भी पार्टी, कोई भी नेता, जो भाजपा सरकार के विरोध में है। वह कहीं भी अल्पसंख्यक यानी खास तौर पर मुस्लिमों का जिक्र करते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं।

By: Dinesh Mishra

Updated: 11 Oct 2021, 07:50 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां सभी पार्टियां जोर-शोर से कर रही हैं। इस बार सभी पार्टियों में जो एक बात कॉमन सी दिख रही है, वह है सॉफ्ट हिंदुत्व। अभी तक खुद को सेक्युलर सेक्युलर बताने वाले प्रमुख दलों के मुखिया भी राम-कृष्ण की बात कर रहे हैं। 12 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव कानपुर में गंगा दर्शन से रथयात्रा का आगाज करेंगे। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती भी इस बार अयोध्या, काशी और मथुरा की बात रही हैं। उधर, कांग्रेस महासचिव मंदिर-मंदिर माथा टेक रही हैं।

अयोध्या, काशी व मथुरा की बात कर रहीं मायावती

कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ऐलान करते हुए कहा कि बसपा की सरकार बनने पर अयोध्या, काशी और मथुरा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बसपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रदेश धार्मिक स्थलों पर सपरिवार जा रहे हैं।

गंगा दर्शन के बाद अखिलेश चढ़ेंगे चुनावी रथ पर

अखिलेश यादव भी 12 अक्टूबर से अपने चुनावी कैम्पेन की शुरुआत करेंगे। वो कानपुर किनारे गंगा घाट पर गंगा दर्शन करने के बाद चुनावी रथ पर चढ़ेंगे। इससे पहले वह चित्रकूट धाम और विंध्याचल माता के दर्शन भी कर चुके हैं। सैफई में भगवान कृष्ण की बड़ी मूर्ति लगवा रहे हैं। उधर, शिवपाल यादव भी वृंदावन में श्रीकृष्ण दर्शन के बाद से चुनावी रथ पर सवार होंगे।

प्रियंका गांधी ने काशी में की रुद्र पूजा

यूपी में कांग्रेस की नैया पार लगाने उतरीं प्रियंका गांधी अब अयोध्या में हनुमान गढ़ी, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, प्रयागराज में संगम स्नान और रायबरेली माता दर्शन कर चुकी हैं। चुनावी शंखनाद के लिए उन्होंने शिव नगरी काशी को चुना। यहां रुद्रपाठ भी किया। वह अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की राह चल पड़ी हैं।

अल्पसंख्यक नेताओं से दूरी, न रैलियों में कोई ज़िक्र

उत्तर प्रदेश में इस समय राजनीतिक उठापटक में एक बात साफ देखने को मिल रहे हैं कि कोई भी पार्टी कोई भी नेता जो भी भाजपा सरकार के विरोध में है। वह कहीं भी अल्पसंख्यक यानी खतौर पर मुस्लिमों का जिक्र करते हुए नहीं देखे जा रहे हैं। सभी पार्टियां सारा विपक्ष और खुद बड़े धुरंधर मुस्लिमों के हितैषी कहीं जाने वाले समाजवादी पार्टी प्रमुख और शिवपाल यादव की इस समय सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल पड़े हैं। प्रियंका गांधी ने वाराणसी में रुद्र पाठ से पहले भी एक बार अयोध्या में हनुमानगढ़ी दर्शन किए थे। उस समय भी प्रियंका गांधी लखनऊ से बाराबंकी होते हुए हो गई थी। लेकिन बीच में पड़ने वाले मजारे शरीफ दरगाह पर उन्होंने रुकना तक उचित नहीं समझा। जबकि सोनिया गांधी यहाँ के लिए हर बार चादर भिजवाया करती थी।

अखिलेश यादव ने भी अपने आप को हिंदूवादी नेता साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है उन्होंने इस लोकसभा चुनाव के दौरान से ही खुद को कृष्ण भक्त बताया था और अपने घर में हवन पूजन के दौरान फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

Dinesh Mishra
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