Somvati Amavasya पर तुलसी की करें परिक्रमा, जल्द कर सकते हैं अच्छे जीवन की शुरूआत

हिंदू पंचांग में पौष महीने की Somvati Amavasya, को बहुत ही खास माना जाता है।

By: Mahendra Pratap

Updated: 18 Dec 2017, 07:56 PM IST

LUCKNOW. हिंदू पंचांग में पौष महीने की Somvati Amavasya को बहुत ही खास माना जाता है। पौष माह में सूर्य धनु राशि में होता है। जिससे इस माह की सोमवती अमावस्या को बहुत ही शुभ माना जाता है। Somvati Amavasya के दिन प्रात:काल स्नान करके दान देना बहुत शुभ माना जाता है। आज सोमवार 18 दिसंबर को सोमवती अमावस्या है। इससे पहले 2005 में ऐसी ही सोमवती अमावस्या पड़ी थी और आज के दिन सोमवार 18 december को पौष महीने में सोमवती अमावस्या 12 साल बाद पड़ी है।

आज के लिए है अहम दिन

सोमवती अमावस्‍या का पर्व आज के लिए अहम दिन है। आज के दिन दान, पूजा-पाठ और उपाय करने से आपको पुण्यों की प्राप्ति होगी। शास्त्रों के अनुसार सनातन धर्म में सोमवती अमावस्‍या का सर्वाधिक महत्‍व है क्योंकि सोमवार और अमावस्या का योग अत्यंत फलदाई होता है। शास्त्रों में इसे अश्वत्थ अर्थात पीपल प्रदक्षिणा व्रत का भी स्थान दिया जाता है। पौराणिक मत के अनुसार पीपल के पेड़़ में सभी देवताओं का वास होता है अतः पीपल के पेड़ को ब्रह्म देव कहकर भी संबोधित किया जाता है। ऐसा माना गया है कि पीपल के मूल में भगवान श्री विष्णु, तने में शिवशम्भू तथा अग्रभाग में ब्रह्मा जी का आवास होता है। अत: इस दिन पीपल के पूजन से लोगों को सौभाग्य की भी प्राप्ती होती है।

सांसारिक दोषों से मिलती है मुक्ति

जिन लोगों की कुंडली में अमावस्या का दोष, काल सर्प का दोष या विष का दोष होता हैं वो लोग इस दिन इस उपाय से दोष को खत्म कर सकते हैं। पितरों को शांत करने के लिए यह अमावस्या बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन सूर्य देव को तांबे के बर्तन में गंगा जल में लाल चंदन मिलाकर ‘ओ पितृभ्य नमः ‘ का मंत्र पढ़ते हुए तीन बार अर्घ्य देना बहुत ही फलदाई माना जाता है। कहा जाता है इस उपाय से पित्र दोष शांत तो हो ही जाते हैं। इसके अलावा इस अमावस्या के दिन दान-पुण्य करने के बाद पित्र दोष खत्म हो जाते हैं। कहा जाता है इस दिन पित्र दोषों को शांत करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और मन को बहुत शान्ती भी मिलती है।

लखनऊ निवासी पण्डित अशोक पाण्डेय ने बताया है कि Somvati Amavasya को शुभ मुहूर्त में शिव की पूजा करने से सभी प्रकार के सांसारिक दोषों से मुक्ति मिल जाती है और जीवन सुखमय हो जाता है। इन उपायों को करने से जीवन की हर समस्या का समाधान मिल सकता है। भगवान शिव की पूजा करने से सुखी जीवन का वरदान प्राप्त होता है। जब भी सोमवार के दिन अमावस्या पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहते है। इसमें भगवान विष्णु और लक्ष्‍मी के रूप में पीपल का पूजन किया जाता है। इस दिन पीपल का पूजन और तुलसी की परिक्रमा सबसे महत्वपूर्ण है।

ये हैं उपाय

  1. इस दिन शिवशम्भू की कृपा से आपर मानसिक शांति मिलती है।
  2. असंभव लगने वाले कार्यों को सोमवती अमावस्या के दिन चंद्रमा की उपासना करके पूरा किया जा सकता है।
  3. इस दिन छोटी सी भक्ति पर भी भोलेनाथ अपने भक्तों के सारे कष्टों को दूर कर देते हैं।
  4. यह अमावस्या पड़ने पर मूल नक्षत्र में पितृ दोषों से भी आसानी से मुक्ती मिल जाती है।
  5. वैवाहिक और दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए भी यह अमावस्या सर्वाधिक अधिक महत्व का माना गया है।
  6. इस दिन पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने से सुखद वैवाहिक जीवन का लाभ मिलता है। महिलाएं यदि इस दिन पीपल के पेड़ की हर परिक्रमा पर पीले रंग की मौली यानि रक्षा सूत्र बांधती हैं तो आजीवन सुहाग का वरदान मिलता है। साथ ही भोलेनथ की कृपा से सुखद वैवाहिक जीवन का वरदान मिलता है।
  7. आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए भी यह सोमवती अमावस्या विशेष लाभदायक माना गया है। इस दिन पान के पत्ते पर धान और खाड़ी हल्दी रखें। उसके बाद तुलसी के पौधे के नीचे रखें और धन प्राप्ति की कामना करें।

राशि के अनुसार करें पूजा

आज 18 दिसम्बर दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या पूर्ण रूपेण भगवान शिव को समर्पित होती है। अगर आप आज राशि के अनुसार उपाय करेंगे तो अच्छी पढ़ाई, धन और सुख और शान्ती से जीवन व्यतीत करने का वरदान प्राप्त होगा।

  1. मेष: पीपल के पेड़ की 51 परिक्रमा करें।
  2. वृष: पानी में तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
  3. मिथुन: भगवान विष्णु के मंदिर में नीले पुष्प चढ़ाएं।
  4. कर्क: शिवलिंग पर शहद भरे दूध से अभिषेक करें।
  5. सिंह: माता गौरी के चित्र पर सिंदूर और मिठाई चढ़ाएं।
  6. कन्या: पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करें।
  7. तुला: तुलसी की मंजरी शालीग्राम भगवान पर चढ़ाएं।
  8. वृश्चिक: शिवलिंग पर पंचामृत का अभिषेक करें।
  9. धनु: भगवान विष्णु के मंदिर में कमल के फूल चढ़ाएं।
  10. मकर: गणेश जी पर वेशन के लड्डू चढ़ाएं।
  11. कुंभ: भगवान शिवशम्भू पर वेलपत्र और दूध चढ़ाएं ।
  12. मीन: गाय की पूजा करें और गुड़ खिलाएं।

आज सोमवती अमावस्या के साभ सूर्यग्रहण भी है परंतु सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। अमावस्या 18 दिसंबर 12 बजकर 01 मिनट तक रहेगी।

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