खनन घोटाले पर सपा-बसपा ने एक साथ दिखाई ताकत, भाजपा को घेरा, कहा सीबीआई से डरने वाले नहीं अखिलेश-मायावती

सपा-बसपा की आज ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेस हुई।

लखनऊ. सपा-बसपा की आज ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेस हुई। इस प्रेस कांफ्रेस में सपा-बसपा के बड़े नेता आमने सामने रहे। प्रेस कांफ्रेस में समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि अभी SP-BSP का गठबंधन हुआ नहीं है उससे पहले ही सरकार ने सीबीआई के तोते के साथ गठबंधन कर लिया है। केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव से पहले CBI का दुरुपयोग किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगी अगर सड़क पर आएंगे तो बीजेपी वालों का सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। ये सरकार की हताशा है जिससे सरकार सीबीआई से गठबंधन कर रही है।

सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है : बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा

ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेस में बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीजेपी की हताशा का आलम यह है कि ये लोग भगवान के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान तक की जाति बताई जा रही है, राम का नाम लेने वाले हनुमान से भी नहीं डर रहे हैं। सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि आज इन लोगों ने सीबीआई जैसी संस्था को धरासायी कर दिया है। सपा और बीएसपी के नेताओं ने संसद परिसर में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर हमला बोला है।

 

ये है पूरा मामला

आपको बता दें कि हाईकोर्ट सितंबर 2017 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन और मनमाने ढंग से खदानों के पट्टे देने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे मामले की जांच की गई को सौंपी थी। सीबीआई ने 5 जिलों में जांच शुरू की। इसमें हमीरपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आईं। यहां 60 से ज्यादा मौरंग खदानों के पट्टे मनमाने ढंग से दिए गए। अकेले चंद्रकला ने ही 50 से ज्यादा पट्टे जारी किए थे। चंद्रकला के अलावा सीबीआई ने यहां तैनात रहे सभी तत्कालीन जिलाधिकारियों और खनन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की। अब सीबीआई दूसरे जिलों के भी तत्कालीन डीएम और खनन से जुड़े अफसरों से पूछताछ करेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अवैध खनन मामले में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान यह मामला कहां तक और किन-किन लोगों की गर्दन तक जाएगा, इसकी भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

एफआईआर में इन लोगों के नाम

2012 में हुए हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में सीबीआई ने छापेमारी के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर 2008 बैच की आईएएस बी चंद्रकला समेत 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। ये हैं उनके नाम...

- बी चंद्रकला, आईएएस, तत्कालीन डीएम, हमीरपुर,

- मोइनुद्दीन, तत्कालीन खनन अधिकारी, हमीरपुर,

- रामाआसरे, तत्कालीन खनन क्लर्क, हमीरपुर,

- रमेश कुमार मिश्र, पट्टा धारक, हमीरपुर (एमएलसी),

- दिनेश कुमार मिश्रा, पट्टा धारक, हमीरपुर (एमएलसी रमेश कुमार मिश्र के भाई),

- अंबिका तिवारी, पट्टा धारक, हमीरपुर,

- संजय दीक्षित, पट्टा धारक, हमीरपुर (बीएसपी से चुनाव लड़ चुके हैं),

- सत्यदेव दीक्षित, पट्टा धारक, हमीरपुर (बसपा नेता रहे संजय दीक्षित के पिता),

- राम अवतार सिंह, पट्टा धारक, जालौन (सीनियर क्लर्क थे),

- करन सिंह, पट्टा धारक, जालौन,

- आदिल खान, खननकर्ता, लाजपत नगर, नई दिल्ली,

लगी हैं ये धाराएं

इन लोगों के साथ ही दूसरे अज्ञात निजी और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी को आईपीसी की धारा 120 बी, 379, 384, 420 और 511 के अलावा एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (2) और 13 (1) डी के तहत नामजद किया गया है। नामजद अभियुक्तों में शामिल रमेश कुमार मिश्र सपा के एमएलसी हैं, जबकि संजय दीक्षित हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं।

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आकांक्षा सिंह
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