नीरज शेखर के बाद सपा-बसपा को सबसे बड़ा झटका, ये दो राज्यसभा सांसद भाजपा में हो सकते हैं शामिल

नीरज शेखर के बाद सपा-बसपा को सबसे बड़ा झटका, ये दो राज्यसभा सांसद भाजपा में हो सकते हैं शामिल

Ruchi Sharma | Updated: 19 Jul 2019, 11:22:15 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

-सपा के दो से तीन राज्यसभा सांसद भाजपा के संपर्क में
-जल्द भाजपा में हो सकते हैं शामिल
-सपा को लग सकता है बड़ा झचका

लखनऊ. विधानसभा उपचुनाव (UP by Election 2019) से पहले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को एक और बड़ा झटका मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक से जानकारी है कि समाजवादी पार्टी (SP) के कुछ और राज्यसभा सांसद भाजपा (Bharatiya Janata Party) के संपर्क में है और जल्द ही भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। जानकारी है कि यह सांसद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। अगर बात बन गई तो यह सांसद अपनी सदस्यता छोड़ कर भाजपा (BJP) का दामन थाम सकते हैं। इनमें एक सांसद तो बुंदेलखंड क्षेत्र से हैं तो दूसरे मध्य यूपी से आते हैं। बसपा के कुछ सांसद भी भाजपा के प्रभाव में हैं। जानकारी हो कि समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है। नीरज पूर्व प्रधानमंत्री चेद्रशेखर (ex pm chandrashekhar) के बेटे हैं और समाजवादी पार्टी के सांसद के तौर पर बलिया लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

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वहीं चर्चा यह भी बनी है कि बसपा के दो सांसद भी भाजपा के संपर्क में हैं। भाजपा इनसे भी इस्तीफा दिलवा कर सीट रिक्त कराएगी। इस तरह भाजपा राज्यसभा में बहुमत के और करीब हो जाएगी। वैसे भी रिक्त सीटों पर उपचुनाव होने पर भाजपा को ज्यादा फायदा होगा। रणनीति के तौर पर रिक्त सीटों पर एक साथ चुनाव न होकर अलग अलग चुनाव होने पर भाजपा के लिए ज्यादा बेहतर स्थिति होगी।

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समाजवादी पार्टी के दो और सांसदों के बीजेपी में जाने की हालत में उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा। इससे राज्यसभा में सदस्यों की संख्या कम हो जाएगी और इससे बहुमत का आंकड़ा भी कम हो जाएगा। अभी राज्यसभा में बहुमत के लिए एनडीए को 120 सांसदों की जरूरत है जबकि एनडीए के पास 116 सांसद हैं। ऐसे में दो और सांसद राज्यसभा छोड़कर बीजेपी में जाते हैं तो बहुमत का आंकड़ा और कम होगा। इससे बीजेपी को उन बिलों को पास कराने में आसानी होगी जिन्हें वह बहुमत न होने के कारण पारित नहीं करा पा रही है।

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