पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुआ सीटों का बंटवारा, बसपा को 11 और सपा को मिली ये 8 सीटें, इन 3 सीटों पर लड़ेगी आरएलडी

2019 लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में बने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर बहुत बड़ी खबर...

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक पश्चिम यूपी की लोकसभा सीटों को लेकर तीनों दलों में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है। इस फार्मूले के तहत आरएलडी को चार सीटें दी जा सकती हैं। जिनमें से 3 सीटों पर आरएलडी चुनाव लड़ेगी, जबकि एक सीट पर आरएलडी कैंडीडेट सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ सकता है। जल्द ही इसका आधिकारिक ऐलान भी हो सकता है।


सीट बंटवारे का फार्मूला

आपको बता दें कि राष्ट्रीय लोक दल उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की अखिलेश यादव से मुलाकात हुई थी। जिसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय हो गया है। पश्चिमी यूपी में कुल 22 सीट हैं, जिसमें 3 सीटों पर आरएलडी चुनाव लड़ेगी। जबकि हाथरस की सीट से सपा के सिंबल पर आरएलडी का प्रत्याशी लड़ेगा। वहीं 8 सीटों पर समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी लड़ेगा और 10 सीटे बहुजन समाज पार्टी के खाते में गईं हैं।


किसके हिस्से में आई कौन सीट

नोएडा- बीएसपी

गाजियाबाद- बीएसपी

मेरठ-हापुड़- बीएसपी

बुलंदशहर- बीएसपी

आगरा- बीएसपी

फतेहपुर सीकरी- बीएसपी

सहारनपुर- बीएसपी

अमरोहा- बीएसपी

बिजनौर- बीएसपी

नगीना- बीएसपी

अलीगढ़- बीएसपी

हाथरस- सपा

कैराना- सपा

मुरादाबाद- सपा

संभल- सपा

रामपुर- सपा

मैनपुरी- सपा

फिरोजाबाद- सपा

एटा- सपा

बागपत- आरएलडी

मुजफ्फरनगर- आरएलडी

मथुरा- आरएलडी

 

गठबंधन में RLD की इंट्री

सपा-बसपा गठबंधन में तीसरी पार्टी के रूप में राष्ट्रीय लोकदल की एंट्री हुई है। सपा-बसपा गठबंधन ने आरएलडी को पहले 2 सीटें देने की बात कही थी, जिस पर अजित सिंह राजी नहीं थे। वह चार सीटों की लगातार मांग रहे थे। इसको लेकर आरएलडी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और अखिलेश यादव की बैठक हुई थी। इसी दौरान आरएलडी को बागपत, मथुरा और मुजफ्फरनगर सीटें देना का फॉर्मूला तय हुआ।

 

साझा कार्यक्रम होगा जारी

वहीं दूसरी तरफ सपा-बसपा गठबंधन से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसके मुताबिक जल्द ही अखिलेश और मायावती की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद एक साझा कार्यक्रम जारी होगा। उसके बाद बसपा कोऑर्डिनेटर और सपा जिला अध्यक्ष भी अब संयुक्त पीसी करेंगे। यहा नहीं सपा-बसपा गठबंधन की मजबूती के लिए साझा चुनाव अभियान चलाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ 20 जनवरी को लखनऊ में बसपा की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। 20 जनवरी की बैठक में गठबंधन के बाद की नई चुनावी रणनीति का खुलासा किया जाएगा। सूत्रों की अगर मानें तो 20 जनवरी की बैठक में बसपा उम्मीदवारों की स्थिति भी साफ हो जाएगी।

 

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नितिन श्रीवास्तव
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