scriptSpecial campaign to create herbal route will run from 1 to 15 July | हर्बल मार्ग बनाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान | Patrika News

हर्बल मार्ग बनाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान

राजकीय निर्माण निगम की जहां पर खाली भूमि हो वहां पर भी वृहद वृक्षारोपण किया जाय।

लखनऊ

Published: June 19, 2020 08:43:52 pm

लखनऊ,उत्तर प्रदेश के Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन तथा औषधीय व हर्बल पौधों के रोपण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा 01 से 15 जुलाई तक विषेश अभियान चलाया जायेगा। इस सम्बन्ध में उन्होने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इसके लिये वह पहले से ही कार्ययोजना व रूपरेखा तैयार कर लें। प्रदेश में जिन सड़कों के किनारे हर्बल पौधों को लगाया जाना है। उन सड़कों का चिन्हांकन व गड्ढ़े आदि खोदने तथा पौधों की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करने हेतु पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली जांय।
हर्बल मार्ग बनाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
हर्बल मार्ग बनाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
Keshav Prasad Maurya ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिये इस वर्ष प्रदेश में 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम व राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वह इस वृक्षारोपण अभियान में भी बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभायें तथा सौंपे गये दायित्वों का निर्वाहन करें। उन्होने यह भी निर्देश दिये हैं कि लोक निर्माण विभाग, राजकीय निर्माण निगम की जहां पर खाली भूमि हो वहां पर भी वृहद वृक्षारोपण किया जाय।
हर्बल रोडों के बारे में उन्होने निर्देश दिये हैं कि सड़कों का चयन करते हुये यथासम्भव सड़कों के दोनों ओर हर्बल पौधे जैसे-आंवला, पीपल, नीम, सहजन और जामुन आदि प्रजातियों के पौधे लगाये जायें। आपको बताते चलें कि जिन मार्गों के किनारे हर्बल पौधों को लगाया जाता है। उन्हे लोक निर्माण विभाग द्वारा हर्बल रोड का नाम दिया गया है।
Keshav Prasad Maurya ने सड़कों के किनारे पनकटे जल्दी से जल्दी बनाने के निर्देश दिये हैं ताकि पानी गिरते ही पनकटों के माध्यम से सड़क का पानी नीचे चला जाय, इससे मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बचेंगे। Deputy Chief Minister ने यह भी निर्देश दिये है कि जो भी पौधे लगाये जायं, उनकी सुरक्षा के व्यापक प्रबन्ध किये जायं विभागीय मैनपावर जैसे मेटों, बेलदारों आदि को इनकी सुरक्षा व संरक्षण में लगाया जाय तथा अधिकारी भी समय-समय पर हर्बल रोडों का निरीक्षण करते हुये पौधों की देखभाल हेतु किये गये इंतजामों का जायजा लें और पौधों की सुरक्षा के लिये यथावश्यक कार्यवाही भी करेंगे।
उन्होने यह भी निर्देश दिये हैं कि वर्षा का पानी बेकार न जाने पाये इसलिये सड़कों के किनारे वाॅटर रिचार्जिग के भी इंतजाम किये जायें। गौरतलब है कि हर्बल मार्गों की शुरूआत 15 अगस्त 2018 (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर की गयी थी। लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष 65 जिलों में 69 हर्बल रोडों, जिनकी लम्बाई 493 किमी0 है, में 22121 हर्बल पौधे इस योजना में लगाये गये हैं। Keshav Prasad Maurya ने आम जनमानस से अपील की है कि प्रदेश के पर्यावरण को संतुलित रखने के लिये बारिश के दौरान खाली जगहों पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें तथा सरकार द्वारा चलाये जा रहे वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिये अपना सहयोग प्रदान करें।

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