इस नवरात्रि कन्याओं को खिलाएं देवी मां की ये स्पेशल डिश, मिलेगा भरपूर आशीर्वाद, सफल होगा नवरात्रि का व्रत

इस नवरात्रि कन्याओं को खिलाएं देवी मां की ये स्पेशल डिश, मिलेगा भरपूर आशीर्वाद, सफल होगा नवरात्रि का व्रत
इस नवरात्रि कन्याओं को खिलाएं देवी मां की ये स्पेशल डिश, मिलेगा भरपूर आशीर्वाद, सफल होगा नवरात्रि का व्रत

Akansha Singh | Updated: 06 Oct 2019, 07:43:51 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

आज नवरात्रि का आठवां दिन है। कुछ आज और कुछ लोग नवमी को अपने घर में कन्या पूजन करते हैं।

लखनऊ. आज नवरात्रि का आठवां दिन है। कुछ आज और कुछ लोग नवमी को अपने घर में कन्या पूजन करते हैं। घर में कन्याओं के लिए कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। उनकी पूजा करके उन्हें पकवान परोसा जाता है। इस बार आप कन्यू पूजन में भोग के अलावा कुछ अलग हटके बनाएं, जिसे कन्याएं भी खुशी- खुशी ग्रहण कर सकें। आमतौर पर लोग पूजन में चने की सब्जी के अलावा तरिरदार आलू की सब्जी भी बनाते हैं, लेकिन इस बार आप तरिरदार आलू की सब्जी न बनाकर फ्राई आलू बना सकते हैं। इस बार अगर आप कन्याओं को पूरी की जगह दही या हरी चटनी के साथ साबूदाना वड़ा परोस सकती हैं। पूरी-सब्जी के साथ लोग चावल की खीर बनाते हैं, जिसे कन्याएं एक चम्मच के ज्यादा नहीं खा पाती। इसीलिए इस बार आप मीठे में साबूदाने की खीर बना सकते हैं। खाने में ज्यादा हैवी भी नहीं होगी। इनके साथ आप चटपटा फ्रूट चाट भी परोस सकते हैं। जिसे कन्याएं शौक से खाएंगी।

क्यों और कैसे किया जाता है कन्‍या पूजन?

नवरात्र पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्त का नवरात्र व्रत पूरा होता है। अपने सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोग लगाकर दक्षिणा देने मात्र से ही मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं।

कन्या पूजन की विधि

- कन्‍या भोज और पूजन के लिए कन्‍याओं को एक दिन पहले ही आमंत्रित कर दिया जाता है।
- मुख्य कन्या पूजन के दिन इधर-उधर से कन्याओं को पकड़ के लाना सही नहीं होता है।
- गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरे परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करें और नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाएं।
- अब इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बिठाकर सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर धोने चाहिए और पैर छूकर आशीष लेना चाहिए।
- उसके बाद माथे पर अक्षत, फूल और कुंकुम लगाना चाहिए।
- फिर मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन कराएं।
- भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पुनः पैर छूकर आशीष लें।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned