Ram Mandir Issue : राम मंदिर मामले को लेकर सीएम योगी से श्री श्री रविशंकर ने की मुलाकात, 30 मिनट हुई बड़ी चर्चा

Abhishek Gupta

Publish: Nov, 15 2017 01:36:10 (IST) | Updated: Nov, 16 2017 02:31:55 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
Ram Mandir Issue : राम मंदिर मामले को लेकर सीएम योगी से श्री श्री रविशंकर ने की मुलाकात, 30 मिनट हुई बड़ी चर्चा

Ram Mandir Issue : बुधवार को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक Sri sri Ravishankar यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके आवास पहुंचे.

लखनऊ. अयोध्या में Ram Mandir निर्माण को लेकर पहल तेज हो गई है। आदलत से बाहर ही इसके पक्ष में फैसला ले लिया जाए, इसके लिए पूरी कोशिशे की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर यूपी के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मिलने उनके आवास पहुंचे जहां करीब 30 मिनट तक दोनों में वार्ता हुई। दरअसल बाबरी मस्जिद विवाद को सुलझाने के लिए श्री श्री रविशंकर मध्यस्थता कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे गुरुवार को अयोध्या में इस विवाद से जुड़े सभी पक्षकारों से मुलाकात करेंगे। वहीं इससे पहले आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक ने मंगलवार को गोंसाईगंज स्थित जलसा रिजार्ट में अनुयायियों से मुलाकात की थी।

अयोध्या में संतों से मिलेंगे रविशंकर-

श्री श्री रविशंकर गुरुवार को अयोध्या में संतों से मुलाकात करेंगे, लेकिन उनकी इस मुहिम से अयोध्या मामले से जुड़े कई लोग सहमत नहीं हैं। यूपी सुन्नी सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी का कहना है कि अयोध्या विवाद के सिर्फ तीन ही पक्षकार हैं -सुन्नी वक्फ बोर्ड, निरमोही अखाड़ा और भगवान श्री राम विराजमान। उनका कहना है कि यदि श्री श्री रविशंकर लखनऊ प्रवास के दौरान अगर तीन पक्षकारों से मिलते हैं तो ही ऐसी बैठक में सुन्नी वक्फ बोर्ड शामिल हो सकता है। शिया वक्फ बोर्ड तो इस मामले में बेवजह कूद रहा है। श्री श्री की कोशिशों से अगर बातचीत से हल निकल आए तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।

निरमोही अखाड़ा के वकील ने ये कहा-

वहीं निरमोही अखाड़ा के वकील रंजीत लाल वर्मा का कहना है कि उन्हें श्री श्री की तरफ से बातचीत के लिए कोई बुलावा नहीं आया है वह अयोध्या में निरमोही अखाड़ा भी जाएंगे। उस दौरान हम लोग भी उनसे मिलेंगे। श्री श्री का लखनऊ में स्वागत मगर उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।

समाधान का कोई प्रस्ताव ही नहीं है-

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक एडवोकेट जफरयाब जीलानी का कहना है कि श्री श्री रविशंकर के नुमाइंदों ने कुछ दिन पहले हमसे सम्पर्क किया था। मौखिक बातचीत में हमने उनसे यही कहा कि उनका स्वागत है। मगर अयोध्या मामले में उनसे मुलाकात का कोई मतलब नहीं इसलिए क्योंकि उनके पास समाधान का कोई प्रस्ताव ही नहीं है।

"श्री श्री की मध्यस्थता का कोई मतलब नहीं"-

वहीं रामलला विराजमान के वकील मदन मोहन पाण्डेय का कहना है कि श्री श्री रविशंकर की तरफ से हम लोगों कोई सम्पर्क नहीं किया गया। न ही हम लोग उनसे मिलने जाएंगे। श्री श्री की मध्यस्थता का कोई मतलब नहीं। हमें श्री श्री रविशंकर की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली है। न ही हमें उनकी मध्यस्थता स्वीकार है।

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