लखनऊ. गृहमंत्रराजनाथ सिंह राजधानी (लखनऊ) में दो दिवसीय दौरे पर हैं। गोमती नगर विस्तार में शहीद पथ पर बने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पृथक पारिवारिक आवास परिसर के उद्धाटन के दौरान उन्होंने एसएसबी की इंटेलिजेंस विंग को फिर से शुरू करने का एलान किया। वहीं कहा कि एसएसबी ने कश्मीर से लेकर नक्सल प्रभावी राज्यों व जिलों में भी प्रभावी व अपने साहस का परिचय दिया है।

क्लोज्ड बॉर्डर की सुरक्षा ज्यादा चुनौतीपूर्ण
गृहमंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को एसएसबी के नए 415 फ्लैट्स के पृथक पारिवारिक आवास परिसर का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत-नेपाल सीमा एसएसबी प्रभावी काम कर रहा है। लोग समझते है कि भारत-नेपाल और भूटान बॉर्डर की सुरक्षा बड़ा आसान है। लेकिन क्लोज्ड बॉर्डर कि सुरक्षा ओपन बॉर्डर सुरक्षा से ज्यादा कठिन है। उन्होंने कहा जाली करेंसी, ड्रग्स, आर्म्स, राष्ट्र विरोधी गतिविधि, ह्यूमन ट्रैफिकिंग बॉर्डर जैसे चुनौतीपूर्ण मामलों पैनी नज़र रखते हुए काम किया है।

कश्मीर से नक्सल तक एसएसबी का डंका
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोगों का मानना है कि सीआपीएफ, बीएसएफ ही विशेष परिस्थितियों में जिम्मा संभाल सकते हैं। लेकिन एसएसबी ने भी कश्मीर में संकट के समय यह धारणा बदल दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में भी आतंकियों से निपटने में पैरामिलिस्ट्री फोर्स ने अहम रोल निभाया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल विकास प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहे हैं। वह सीमा पर रहने वाले देश के नागरिकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर रहने वाला नागरिक सामान्य नहीं बल्कि स्ट्रेटिक एसेट्स है।

इंटेलिजेंशन विंग पर मिली हरी झंडी
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि एसएसबी की महानिदेशक अर्चना रामसुंदरम ने पूर्व में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने दोबारा से एसएसबी कि इंटेलिजेंशन विंग शुरु करने का बात रखी। इस पर गृहमंत्री ने बताया कि एसएसबी का इंटेलिजेंशन विंग शुरू करने की अनुमति गृहमंत्रालय की तरफ दे दी गई है। वहीं बताया कि एसएसबी की 69 बटालियन को बढ़ा कर 73 बाटालियन कर दिया गया है। इससे वह अब अन्य भुमिकाएं भी निभा सकेंगे।

10 लाख को घर देने का सपना
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में पैरामिलिट्री फोर्स में अधिकारी समेत 10 लाख जवान हैं। ऐसे में वह महानिदेशकों के साथ मिलकर सभी जवानों को घर देने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। क्योंकि फिलहाल पैरामिलिट्री फोर्स में हाउसिंग सैटिस्फैक्शन बहुत कम है। इसमें सुधार की जरुरत है।

बॉडर्र इंफ्रास्ट्रकचर डेवलेपमेंट से निराश
गडहमंत्री ने कहा कि इंडो नेपाल सीमा पर इंफ्रास्ट्रकचर डेवलेपमेंट (सड़क व अन्य निर्माण) जितना हो जाना चाहिए वो हुआ नहीं। उन्होंने फैसला किया है कि यूपी और बिहार के प्रतिनिधियों को बुलाकर इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समीक्षा करेंगे।

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