रोज  दर्ज हो रहे है 33 दलित उत्पीड़न के मामले- अजय कुमार लल्लू

UP Congress

By: Ritesh Singh

Published: 07 Jul 2020, 01:53 PM IST

लखनऊ,उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए Yogi Sarkar को दलित-पिछड़ा विरोधी करार देते हुए कटघरे में खड़ा किया । Press conference में कहा गया कि दलित- पिछड़ा उत्पीड़न करने वालो को संस्थानिक संरक्षण मिला हुआ है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा आयोजित Press conference को संबोधित करते हुए State President Ajay Kumar Lallu ने कहा कि Yogi राज के तीन सालो में प्रदेश दलित-पिछड़ा हिंसा, उत्पीड़न और बलात्कार का हब बन गया है । दलितों पिछडो पर होने वाले अत्याचार का दिनों दिन इजाफा हो रहा है । योगी मंत्रिमंडल और भाजपा में शामिल दलित- पिछड़े नेताओं मंत्रियों की हैसियत नहीं है कि वो ऐसे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ तक उठा सके ।

State President Ajay Kumar Lallu ने आगे कहा कि सरकारी एजेंसी NCRB के डाटा बता रहे है की प्रदेश में रोज 33 मामले दलितों पर अत्याचार के रिपोर्ट हो रहे है । संकल्प पत्र में जो दलितों-पिछडो के सुरक्षा के वादे किये गए थे वह खोखले साबित हो रहे है ।

Press conference को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष अलोक प्रसाद ने कहा कि पिछले दिनों हुयी विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश में बढ़ती हिंसा , बलात्कार और उत्पीड़न को लेकर एक निंदा प्रस्ताव पास किया है । उन्होंने कहा कि दलितों के उत्पीड़न के कुल दर्ज मामलो (2008) में से आधे से ज्यादा उत्तर प्रदेश में है ।

विभाग अध्यक्ष अलोक प्रसाद ने आगे कहा कि प्रदेश में बढ़ती हिंसा , उत्पीड़न की घटनाओं पर विभाग बड़े पैमाने पर आन्दोलन कर के दलितों-पिछडो की आवाज़ को उठाएगा । वार्ता में उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से जिलों में हुयी उत्पीड़न की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए व्योरा दिया । अम्बेडकर नगर में दलित युवती के साथ बलात्कार,मेरठ में शादी से दो दिन पहले दलित लड़की और उसके पिता की हत्या, कानपुर में दलित युवक को बुरी तरह मारा गया फिर उसी को जेल भेज दिया गया। अमरोहा में 17 साल के युवक की मंदिर में घुसने भर के लिए हत्या , आज़मगढ़ के उबारपुर गांव में भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा दलितोंके साथ सांस्थानिक रूप से दमन की बात रखी ।

Press conference में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष तनुज पुनिया ने कहा कि कोरोना आपदाकाल में बड़े पैमाने पर असंगठित क्षेत्र में लगे दलित-पिछड़े मजदूरो को अपना रोजगार खोना पड़ा है । यह रोजगार ही उनकी प्रमुख आय का श्रोत है । ऐसे में सरकारों को तत्काल दलितों-पिछडो के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए । अधिकांश दलित परिवार या तो भूमिहीन है या एक दो बिस्सा जमीन के मालिक है । ऐसे में आय के न होने से वो भुखमरी के कगार पर है । सरकार को जल्द आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए ।

Show More
Ritesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned