इस योजना के तहत छात्रवृत्ति पा सकेंगे छात्र,फिर आवेदन का मौका

इस योजना के तहत छात्रवृत्ति पा सकेंगे छात्र,फिर आवेदन का मौका

Prashant Srivastava | Publish: Nov, 10 2018 02:55:06 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

पिछले दिनों योगी सरकार ने वादा किया था कि प्रदेश में प्रत्‍येक छात्र को स्‍कॉलरशिप दी जाएगी। जबकि, शुल्क की भरपाई मेरिट के आधार पर होगी।

लखनऊ. पिछले दिनों योगी सरकार ने वादा किया था कि प्रदेश में प्रत्‍येक छात्र को स्‍कॉलरशिप दी जाएगी। जबकि, शुल्क की भरपाई मेरिट के आधार पर होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों को एक और मौका दिया है। अभी तक किसी वजह से आवेदन न कर सके विद्यार्थी 16-26 नवंबर के बीच आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है। अभी तक इस योजना में एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर थी, लेकिन रिजल्ट न आने के चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थी आवेदन नहीं कर पाए थे।शासन की जानकारी में लाया गया कि स्टेट मेडिकल फैकल्टी की ओर से संचालित पाठ्यक्रमों का परीक्षाफल भी सितंबर में घोषित किया जाता है।

नए छात्रों के पास भी मौका

बता दें कि नए सत्र के छात्रों के प्रवेश एक अक्टूबर से प्रारंभ होते हैं। तमाम अन्य पाठ्यक्रमों में भी अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इसलिए अंतिम तिथि को बढ़ाया जाना आवश्यक है।इन स्थितियों में शासन ने आवेदन के लिए वेबसाइट 16-26 नवंबर तक खोलने का आदेश जारी कर दिया। 3 दिसंबर तक विद्यार्थियों को हॉर्ड कॉपी के साथ अपने दस्तावेज शिक्षण संस्थान में जमा करने होंगे। शिक्षण संस्थानों को 10 दिसंबर तक सभी वैध आवेदनों को अग्रसारित करना होगा। इसके लिए शासन ने विस्तृत समयसारिणी जारी कर दी है। यहां बता दें कि हर साल बमुश्किल 60-70 लाख विद्यार्थी ही आवेदन करते थे, लेकिन इस बार 10 अक्टूबर तक ही एक करोड़ से ज्यादा आवेदन आ चुके थे।

अभी तक 1.10 करोड़ आए हैं। माना जा रहा है कि एक बार फिर वेबसाइट खोले जाने से यह संख्या सवा करोड़ को पार कर जाएगी। प्रदेश से बाहर पढ़ रहे यूपी के छात्रों को भी इससे काफी फायदा होगा। इनमें से अधिकांश छात्र जानकारी के अभाव में 10 अक्टूबर तक आवेदन नहीं कर सके थे। वे भी अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मुख्‍यमंत्री योगी ने यह फैसला अक्टूबर माह में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुनाया। चालू वित्त वर्ष में योजना का लाभ लेने के लिए रिकॉर्ड 1.10 करोड़ आवेदन आए हैं। इससे पहले यह संख्या 60-70 लाख तक ही सीमित रही है।

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