गन्ना भुगतान के साथ समिति का कमीशन देने में भी मिल फिसड्डी

किसान नेताओं की चुप्पी से बढ़ी गन्ना किसानों की मुश्किलें।

By: Dhirendra Singh

Published: 04 Jan 2018, 07:13 PM IST

लखीमपुर खीरी. नए साल से सभी को उम्मीदें हैं, लेकिन किसानों को आने वाले साल में भी शायद राहत न मिल सके। गन्ना भुगतान की मांग उठ रही है कि लेकिन मिल का रवैया सकारात्मक नहीं। शासन-प्रशासन भी इस मामले में किसानों के बजाए मिल प्रबंधन के पक्ष में खड़ा नजर आता है। वहीं किसान नेताओं की इस मामले में चुप्पी कृषकों की मुश्किलें बढ़ाने का काम कर रही है। वे मांग तो उठाते हैं लेकिन उस जज्बे के साथ नहीं जिसकी किसानों को जरूरत है। इस बीच चीनी मिल न सिर्फ गन्ना भुगतान के मामले में बल्कि समिति का कमीशन देने में भी फिसड्डी साबित हुई है। इस वजह से पलिया गन्ना सहकारी समिति के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नहीं हो पा रहा।

भुगतान को लेकर फिर बढ़ी चिंता

सबसे पहले बात करें बीते पेराई सत्र 2016-17 की। जिसमें मिल को 123.81 लाख क्विंटल गन्ने की सप्लाई हुई थी। जिसके सापेक्ष चीनी मिल 34029.04 लाख रूपये का भुगतान किया है। कुल खरीद का 10 प्रतिशत भुगतान अब भी बकाया है। जबकि सहकारी समिति का कमीशन भी मिल गोल कर गई। अब बात चालू पेराई सीजन की तो इसमें अब तक मिल को करीब 52 लाख क्विंटल गन्ना सप्लाई किया जा चुका है। जिसके सापेक्ष करीब 33 करोड़ 77 लाख रूपये का भुगतान मिल किसानों को कर चुकी है। शेष अब भी बाकी है। मिल का कहना है कि पिछले साल का भुगतान रोका गया है लेकिन चालू सीजन में रोजाना करीब तीन करोड़ रूपये का पेमेंट भेजा जा रहा है। लेकिन यह काफी नहीं।
इस बारे में समिति सचिव अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि मिल ने गन्ना भुगतान पूरा नहीं किया है साथ ही समितियों को भी कमीशन नहीं दे रही। इस वजह से कर्मचारियों का वेतन नहीं निकल पा रहा और वे भी परेशान हैं। उधर किसान नेताओं की आवाज उठाने वाले कथित किसान नेता भी इस समय खामोश बैठ गए हैं। उनके लिए शायद यह कोई मुद्दा नहीं रह गया है। हां एक दो बार उन लोगों ने मिल अधिकारियों के साथ बात जरूर की लेकिन किसानों को न तो वे विश्वास में ले पाए और न ही पुराने भुगतान के बाबत मिल अधिकारियों से कोई ठोस आश्वासन हासिल कर सके।

Dhirendra Singh
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