तीन लाख रुपए सालान आय वाले के यहां पैदा हुई लड़की को जन्म से स्नातक होने तक मिलेंगे 15 हजार


राज्य मंत्रिपरिषद का फैसला-

By: Anil Ankur

Updated: 03 Mar 2019, 09:36 AM IST

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य मंत्रिपरिषद ने फैसला किया है कि तीन लाख सालाना आय वाले लोगों को सुमंगल योजना के तहत आच्छादित किया गया है। अब तीन लाख सालाना आय वालों के यहां अगर बिटिया पैदा होती है तो उन्हें सुमंगल योजना के तहत जन्म होते ही 2000 रुपए मिलेंगे। उसके बाद कक्षा एक में पहुंचने पर 2 हजार रुपए और फिर कक्षा छह और ग्रेजुएट तक यह राशि मिलेगी।
योगी सरकार ने कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से लेकर बेटी के स्नातक होने तक 6 चरणों में कुल 15 हजार रुपये प्रदेश सरकार देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार की शाम हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही 34 अन्य फैसलों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।


इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
कैबिनेट ने लखनऊ सहित प्रदेश के 6 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रयागराज, आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद और मथुरा-वृंदावन शामिल हैं। पहले चरण में 580 बसों को पीपीपी मोड में चलाया जाएगा। योजना ढाई से तीन साल में पूरी की जाएगी।

भगवान राम की मूॢत लगाने के लिए और अयोध्या में पर्यटन विकास के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है। इस पर करीब चार सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे। काम कैसे हो इसके लिए तीन मंत्रियों की एक हाईपावर कमेटी बनाई जाएगी। वह निगरानी करने के साथ साथ सुझाव भी देगी।
किसानों को मिलेगा 1860 रुपए प्रति कुंतल गेहूं का मूल्य

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सरकार ने रवी की फसल में गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया है। 2014 में किसानों को 1400 रुपए प्रति कुंतल गेहूं बेचना पड़ रहा था और अब यही गेहूं चार साल में किसानों को 1860 रुपए में खरीदा जाएगा। समर्थन मूल्य 1840 रुपए और बीस रुपए ढुलाई आदि के रूप में किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर में 6 हजार क्रय केन्द्र खोले गए हैं। इसका भुगतान 72 घंटे में आरटीजीएस के जरिए कर दिया जाएगा। 50 लाख मेट्रिक टन गेहूं जून तक खरीदा जाएगा।

चीनी मिल के लिए थ्री टायर योजना
गोरखपुर की धुरियापुर और पीलीभीत की मझोला, बलिया की चीनी मिलों की 50-50 एकड़ जमीन के लिए तीन योजनाएं शुरू की गई हैं। इसमें सेकेंड जेनरेशन एथनाल और फ्यूल प्लांट की स्थापना के लिए इंडियन आयल कारपोरेशन से एमओयू किया जाएगा। इसे जमीन 30-30 साल की लीज पर दी जाएगी। यहां इंटीग्रेटेड शुगर काम्पलेक्स स्थापित किया जाएगा।

रेपिड रेल टं्राजिक्ट के लिए 30 हजार करोड़

दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ के 82 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 100 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाई जाएगी। इस पर तीस हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें केन्द्र सरकार, प्रदेश सरकार और फिर कर्ज से काम कराया जाएगा।

बिजली की उत्पादन बढ़ाने और खादी में छूट

प्रदेश सरकार ने कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए मेरठ, रामपुर और ऑनपरा में परियोजनाएं लगाई जाएंगी। इन पर करीब 30 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इससे यूपी की बिजली आपूर्ति व्यवस्था और सुधरेगी।

महिलाओं के मुकदमें निपटाने के लिए फास्ट ट्रेक अदालत खोलने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ती की आय बढ़ाने का फैसला भी सरकार ने लिया है। प्रवक्ता ने बताया कि कार्यकर्ती को 1500 रुपए महीने और उसके नीचे 1250 रुपए और सहायक कार्यकर्ती को 700 रुपए महीने दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी। इसी प्रकार महिलाओं के अपराधिक मामलों को निपटाने के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट की स्थापना की जाएगी। पूरे प्रदेश में करीब 81 कोर्ट बनेंगे।

 

Anil Ankur Desk/Reporting
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