मुख्तार अंसारी को यूपी जेल में ट्रांसफर करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

पंजाब की जेल में बंद मऊ से बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj party) के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को यूपी की जेल (UP Jail) में ट्रांसफर करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

By: Abhishek Gupta

Published: 04 Mar 2021, 09:34 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. पंजाब की जेल में बंद मऊ से बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj party) के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को यूपी की जेल (UP Jail) में ट्रांसफर करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट जल्द ही मामले पर फैसला सुनाएगी, हालांकि इसकी तारीख को लेकर अभी कोई बयान नहीं आया है। दरअसल यूपी सरकार द्वारा याचिका में बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। मुख्तार अंसारी के खिलाफ यूपी की विभिन्न अदालतों में 50 मुकदमे दर्ज हैं, जिसके लिए यूपी सरकार मुख्तार को यूपी लाने की कोशिश में लगी है, लेकिन बताया जा रहा है कि विधायक को एनकाउंटर का डर सता रहा है।

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"मुख्तार को यूपी जेल में ट्रांसफर करना जरूरी"
यूपी सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने मामले में दायर रिट याचिका में आरोप लगाया कि वर्तमान में मुख्तार अंसारी के खिलाफ यूपी में कई गंभीर अपराधिक मामले दर्ज हैं, इस कारण उसका यूपी की जेल में ट्रांसफर करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने जेल नियमों का हवाला देते हुए कहा कि भले ही राज्य के पास मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन वह मुद्दे और पीड़ितों के अधिकारों का समर्थन कर सकता है और पीड़ित की भूमिका ले सकता है।

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मुख्तार हर पेशी पर मौजूद रहेंगेः वकील
पंजाब की रोपड़ जेल के अधीक्षक ने चिकित्सा आधार पर अंसारी को सौंपने से इनकार किया है। वहीं मुख्तार अंसारी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि विपक्ष की एक पार्टी से जुड़े होने के कारण अंसारी को निशाना बनाया जा रहा है। यूपी सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते इस मामले को चला रही है। सुप्रीम कोर्ट को ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए। वकील ने भरोसा दिलाया कि मुख्तार हर पेशी पर मौजूद रहेंगे। वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न अदालतों में पेश हो भी रहे हैं और ‘‘बकवास तर्क’’ दिए जा रहे हैं कि सुनवाई बाधित हो रही है। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आर. एस. रेड्डी की पीठ ने कहा कि वह यूपी सरकार व अंसारी की याचिका पर फैसला सुनाएगी।

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