लखनऊ , भारत मे न दिखने वाले, वर्ष 2018 के प्रथम व हिंदी पंचांग वर्ष अंतिम के सूर्य ग्रहण पर डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मठ-मंदिर मे ब्रह्म मुहर्त में प्रातः 5 बजे विश्वकल्याण एवं देश उन्नति के लिए विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मठ-मंदिर के महंत देव्या गिरि ने कहा की भारत मे न दिखाई देने वाले इस आंशिक सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका के कुछ भू-भागों व प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर की कुछ हिस्सों मे देखा जा सकेगा। भारत मे कही पर भी न तो ये दिखाई देगा न ही कोई भी सूतक काल हमारे यहां लगेगा,

ग्रहण व सूतक काल से भारत प्रभावित नहीं होंगे।

इस सूर्य ग्रहण का समय 15 की मध्य रात्रि व अंग्रज़ी कैलेंडर 16 फ़रवरी को 12:25 से प्रातः 4 :17 है, जिसका मध्य काल 2:21 पर होगा। उन्होने ने बताया की महादेव सम्पूर्ण सृस्टि के ईस्वर हैं, इसलिए इस तत्य से कोई फरक नहीं पड़ता सूर्य ग्रहण भारत मे दिख रहा है की नहीं समस्त विश्व के कल्याण के लिए हम ये विशेष आरती आयोजित कर रहे हैं। ब्रह्म मूर्त मे सबसे पहले शिवलिंग का स्नान गोमती जल से करवाया गया तत पश्च्यात भव्य श्रृंगार के साथ डमरू, शंख, ताशा व नागफनी की धुन में भक्तगणों एवं सेवादारों ने झूम कर आरती की। तत्पश्च्यात आरती के बा? मंदिर ?? के कपाट भक्तगणों के लिए खोल दिए गए। फाल्गुनी अमावश्या होने के कारण महादेव के दर्शन करने श्रद्धालुओं को ताता लगा रहा।

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