चार जोन में बंटा महिला कांग्रेस, जल्द मिलेगी वेस्ट यूपी अध्यक्ष:सुष्मिता देव

चार जोन में बंटा महिला कांग्रेस, जल्द मिलेगी वेस्ट यूपी अध्यक्ष:सुष्मिता देव

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 16 2018 12:25:58 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 12:25:59 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को चार भाग में बांटा गया है।

लखनऊ. ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को चार भाग में बांटा गया है। तीन जोन के अध्यक्ष घोषित कर दिए गए हैं, जल्द ही वेस्ट जोन की अध्यक्ष का नाम भी घोषित कर दिया जाएगा। सुष्मिता देव ने यूपी कांग्रेस कार्यालय में नवनियुक्त जोनल अध्यक्षों को पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में मध्य जोन अध्यक्ष ममता चौधरी, पूर्वी जोन अध्यक्ष शहला अबरानी और पश्चिम जोन अध्यक्ष प्रतिभा अटल पाल थीं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश इतना बड़ा है इसलिए एक महिला अध्यक्ष के लिए संभाल पाना संभव नहीं था। इसलिए इसे चार जोन में बांटा गया है। हमारा यह प्रयोग सफल होगा।

'यूपी में बढ़ रहा अपराध'

महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए सुष्मिता प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़े हैं। महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार व अपराध को महिला कांग्रेस मुद्दा बनाएगी। शहर हो या गांव सभी जगह आधी आबादी की समस्या महिला कांग्रेस उठाएगी। महिला कांग्रेस को चार जोन में बांट दिया गया है। इनमें से तीन जोन में अध्यक्ष की नियुक्ति हो गई है। केवल पश्चिम यूपी में महिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति रह गई है। इसमें भी जल्द तैनाती हो जाएगी।

बीजेपी पर साधा निशाना

 

इस दौरान सुष्मिता देव ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार को मुद्दा बनाया था लेकिन आज उसकी सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। अपराध का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ भाजपा ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। भाजपा शासित 21 राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध और बढ़े हैं।


महिला आरक्षण 50 फीसद किया जाए

इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय पर स्वागत समारोह में सुष्मिता देव ने कहा कि भाजपा की केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है फिर महिला आरक्षण विधेयक क्यों नहीं लाती है। इसमें 33 फीसद के बजाय 50 फीसद आरक्षण किया जाए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं नारा आज मजाक बनकर रह गया है।

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