चिन्मयानंद को बड़ी राहत, रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने मारी पलटी, अदालत में अपने बयान से मुकरी

4 अगस्त 2019 को स्वामी शुकदेवानंद लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो वायरल किया और स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे।

लखनऊ. बलात्कार के आरोप में फंसे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है। दरअसल स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट स्पेशल कोर्ट में अपने बयान से मुकर गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी को रिकॉर्ड पर लेकर इसकी एक कॉपी पीड़ित पक्ष को दी है, जिससे अगली तारीख पर पीड़िता के पक्ष का जवाब आ जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

 

अपने बयान से पलटी लड़की

पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 161 और धारा 164 तहत दिए गए मजिस्ट्रेटी बयान में स्वामी चिन्मयानंद उर्फ कृष्ण पाल सिंह पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया था, लेकिन बीती 9 अक्टूबर को लॉ स्टूडेंट लड़की कोर्ट में अपने दिए गए बयान में रेप के आरोप से पलट गई। आपको बता दें कि 27 अगस्त 2019 को पीड़िता के पिता ने शाहजहांपुर के थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। उस समय लड़की का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उसने चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाया था। वहीं इसके बाद 5 सितंबर 2019 खुद पीड़िता ने नई दिल्ली के थाना लोधी कॉलोनी में स्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिके बाद जांच के दौरान एसआईटी ने इन दोनों एफआईआर को एक में मर्ज कर लिया था।

 

ये है पूरा मामला

दरअसल 24 अगस्त 2019 को स्वामी शुकदेवानंद लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो वायरल किया और स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से पीड़िता लापता हो गई। तब पीड़िता के पिता ने शाहजहांपुर की कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ मामला दर्ज कराया, लेकिन इससे पहले स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर से 5 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करा दिया। उसके बाद पीड़िता को पुलिस ने राजस्थान के दौसा जिले से बरामद कर लिया। उसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेकर पीड़िता को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया और यूपी सरकार को इस पूरे मामले के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिये। फिर राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने करीब 3 माह चली इस जांच में स्वामी चिन्मयानंद के अलावा रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता समेत संजय, विक्रम सचिन को जेल भेज दिया। जबकि भाजपा के दो नेताओं को भी रंगदारी मांगने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।

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नितिन श्रीवास्तव
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