यहां मिले टीबी के 64 मरीज, सरकार दे रही है इनको यह सुविधा

यहां मिले टीबी के 64 मरीज, सरकार दे रही है इनको यह सुविधा

Ashish Kumar Pandey | Publish: Jan, 14 2019 10:26:08 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

जिले में सक्रिय टीबी मुक्त अभियान जारी, शेल्टर होम व धार्मिक स्थलों में भी चलाया जा रहा है यह अभियान।

लखनऊ. राजधानी को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए क्षय रोगियों की खोज के लिए सात जनवरी से अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस अभियान में लगभग 850 स्वास्थ्यकर्मी, लगभग 25 टीमें व लगभग 55 सुपरवाइजऱ लगाए गए हैं। जो घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षण बता रहे हैं। जिले में लगभग 5.20 लाख लक्षित जनसंख्या है, जिसमें लगभग 3.28 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर लगभग 1536 लोगों का बलगम जांच के लिए भेजा गया। शनिवार तक लगभग 64 टी.बी. के मरीज पाये गए हैं, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है।
प्रत्येक मरीज चाहे वह सरकारी अस्पताल का हो या प्राइवेट अस्पताल का, उसके खाते में निश्चय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह भेजे जा रहे हैं।
मकर संक्रांति के अवसर पर शहर के लगभग 10-12 बड़े मंदिरों व मस्जिदों में आने वाले गरीबों व भिखारियों को टी.बी. के बारे में जागरूक किया जाएगा व उनमें टी.बी. की जांच भी की जाएगी।
नगर निगम द्वारा संचालित लगभग 23 शेल्टर होम्स में रात में टीम द्वारा विजिट कर टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग की जा रही है और उन्हें टी.बी. के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बी.के.सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को 2020 तक टी.बी. मुक्त करने के अभियान में जिन 10 जिलों का चयन किया गया है उसमें लखनऊ भी है। अत: इस क्रम में जिले में वृहद स्तर पर इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाये जाएंगे।

क्या होती है टीबी?

टीबी की बीमारी को क्षय रोग भी कहा जाता है, एक बड़ी संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी एक प्रकार के माइक्रोबैकटेरियम ट्यूबरयुक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है। यह टीबी अधिकतर फेफड़ों पर ही असर करती है। फेफड़ों में होने वाली टीबी को पल्मोनरी टीबी कहा जाता है और अगर यह शरीर के किसी दूसरे भाग में होती है तो इसे एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी कहा जाता है।


कैसे फैलता है?
यह बीमारी हवा के जरिये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। हवा में इसके जीवाणु कम से कम 5 घंटे तक और उससे भी अधिक जीवित रहते है। यह बीमारी हवा के जरिये बहुत तेजी से और आसानी से फैलती है। खांसी को कभी भी नजऱंदाज़ नहीं करना चाहिए।

क्या लक्षण है?
लगातार 2 हफ्तों से खासी का आना और आगे भी जारी रहना
इस रोग में शाम को बुखार हो जाता है!
छाती (सीने) में दर्द की शिकायत भी होती है!
गले में गिल्टी या सुजन होना
वजऩ घटने लगता है
सांस फूलने लगती है

 

 

 

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