शिक्षक अभिभावक संघ ने निजी विद्यालयों से की फीस माफी की मॉग

कोरोना ग्रहण के चलते ठप है काम-धन्धें बन्द है दुकानें

By: Ritesh Singh

Published: 27 Mar 2020, 06:42 PM IST

लखनऊ,कोरोना के कहर के चलते हुये लॉकडाउन ने सभी की हालत पतली कर रखी है। नौकरीपेशा लोग तो ठीक है उनकों तो वेतन देर-सबेर मिल ही जायेगा। समस्या उन लोगों के सामने है जो रोज काम करके कमाते खाते हैै। इनमें आटो रिक्शा, टैम्पो चालक, होटल व्यवसायी, किराना की दुकानों के अतिरिक्त अन्य प्रकार की दुकान चलाने वाले आदि लोग शामिल है। वही अन्य ऐसे लोग भी है जो अपने काम से बाहर नहीं निकल पा रहे हैै। बस किसी तरह दो वक्त की रोटी खा रहे है। ये लोग किसी न किसी प्रकार से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से निजी विद्यालयों में पढ़ा रहे है।

परन्तु काम-धन्धों पर कोरोना ग्रहण लग जाने से इन जैसे सभी अभिभावकों ने निजी स्कूल प्रबन्धन से स्कूल फीस में राहत देने की मॉग की है। शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के अनुसार राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में निजी विद्यालयों को भी समाज के हित में अपना सहयोग देना चाहिये। इस समय सभी अभिावक अपनी रोजी-रोटी के लिये परेशान है। ऐसे समय में उनको देश हित व समाज हित में अप्रैल मई जून की फीस को माफ कर देना चाहिये। इससे सारे अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

इसके लिये वे जिला विद्यालय निरीक्षक व शासन के सामने बात रखेगे। सिटी मान्टेसरी की कक्षा आठ व कक्षा नौ में पढ़ने वाले दो बच्चों के अभिभावक जिनका नवयुग डिग्री कालेज के पास खाने-पीने का होटल है। उनके अनुसार उनका होटल लॉकडाउन के पहले ही बन्द करा दिया गया था। कोई कमाई न होने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। स्कूल फरवरी में परीक्षा होने के बाद से बन्द है। रिपोर्ट कार्ड भी नहीं मिला है। ऐसे में मार्च अपै्रल मई व जून स्कूल तो बन्द ही रहेगा। संस्थापक जगदीश गॉधी को परिस्थिति को देखते हुये समाज हित में अपै्रल मई जून की फीस माफ कर देनी चाहिये। ये समाज के प्रति इनका योगदान होगा।

वही राजाजीपुरम् स्थित एक नामचीन विद्यालय की प्रधानाचार्या ने इस फीस माफी पर बताया कि हम अपने स्टाफ व शिक्षकों को पूरे साल का वेतन देते है। वह अभिभावकों द्वारा दी गयी फीस से ही देते हैै। रही बात आपदा की तो विद्यालय समूह सदैव अपना योगदान समाज हित में देता रहा है। इस बार भी मुख्यमंत्री राहत कोष में देगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार यह निजी विद्यालय प्रबन्धन का अपना मामला है। उनकी अपनी जिम्मेदारियॉ है। समाज व देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन वे जानते है।

अनऐेडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन उपसा के अध्यक्ष व सेंट जोजफ के निदेशक अनिल अग्रवाल ने बताया कि हम अपने स्टाफ को लॉकडाउन की अवधि का पूरा वेतन देगें। वह धन फीस से ही आता है। स्कूल चलाना भी समाज व देश की सेवा ही हैै और सरकार निजी स्कूलों को किसी भी प्रकार की कोई रियायत नहीं देती है। इसलिये निजी स्कूलों द्वारा फीस माफी की संभावना नहीं है। हॉ लेट फाइन की रियायत दी जा सकती है।

Corona virus Corona Virus Precautions
Show More
Ritesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned