इस बार हाड़ कंपाने वाली पड़ेगी ठंड, माइनस में जा सकता है पारा

इस बार हाड़ कंपाने वाली पड़ेगी ठंड, माइनस में जा सकता है पारा

Ashish Kumar Pandey | Publish: Sep, 07 2018 09:07:07 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

48 घंटों के दौरान कई जिलों में हो सकती है भारी बारिश।

 

लखनऊ. इस बार यूपी में मानसून भले ही देर से आया लेकिन अभी तक बरकरा है। बारिश भी लगातार हो रही है। पिछले गुरुवार को शुरू हुई बारिश का सिलसिला रुक-रुक शुक्रवार को भी जारी रहा। वहीं मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कई दिनों तक बारिश से राहत मिलने वाली नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, सीतापुर, उन्नाव, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं भारी बारिश की चेतावनी के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब लगातार भारी बारिश का क्रम जारी है तो वहीं ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों ने इस बार सर्दी जल्दी आने का अनुमान जताया है।

वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार हाड़ कंपाने वाली डंड रहेगी। यही नहीं पारा भी शून्य या शून्य से नीचे भी जाने की संभावना जताई है। सर्दी भर घने कोहरे के आसार भी जताए हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में मानसून के दौरान 772 मिलीमीटर बारिश सामान्य रहती है, लेकिन इस साल अब तक 919 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि मानसून के जाने में अभी काफी दिन बचे हैं। नॉर्दर्न रीजन के मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिन्दर पॉल के मुताबिक, जब बारिश अधिक होती है तो जमीन काफी नम हो जाती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार लखनऊ और प्रदेश के उत्तर पश्चिम के तराई में कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ेगी। सर्दी भी जल्द आ जाएगी। ऐसी दशाओं में पारा शून्य या शून्य से नीचे भी जा सकता है।

भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता के अनुसार कई जिलों में सामान्य से लेकर तेज बारिश होने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। लगातार बारिश से उमस में भी कमी आएगी। मौसम विभाग ने लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, बरेली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, आगरा, इटावा, बुलंदशहर, अलीगढ़ आदि जिलों में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
वहीं पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश के कारण अधिकतर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लगभग दो दर्जन से अधिक जिलों में नदियों के आस-पास के इलाकों के कई गांवों में बाढ़ आ गई है।

 

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