लगातार हो रहे ट्रेन हादसे, यात्री बुलेट ट्रेन नहीं, मांग रहे हैं अपनी जिंदगी

लगातार हो रहे ट्रेन हादसे, यात्री बुलेट ट्रेन नहीं, मांग रहे हैं अपनी जिंदगी
train accident

Shatrudhan Gupta | Updated: 24 Nov 2017, 01:43:15 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शुक्रवार को भी चित्रकूट और सहारनपुर में रेल हादसा होने से कई लोगों की मौत हो गई, वहीं दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में रेल हादसे का दौर जारी है। शुक्रवार को भी चित्रकूट और सहारनपुर में रेल हादसा होने से कई लोगों की मौत हो गई, वहीं दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए। मालूम हो कि गुरुवार रात अमेठी में भी रेलवे क्रॉसिंग के पास एक मेमो ट्रेन ने बोलेरो को टक्कर मार दी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। मालूम हो कि इस साल अब तक उत्तर प्रदेश में कई रेल हादसे हो चुके हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद हादसे रोकने के लिए रेलवे कोई बड़ा कदम नहीं उठा रहा है।

शुक्रवार सुबह तड़के करीब साढ़े चार बजे 12471 वास्को डिगामा पटना एक्सप्रेस चित्रकूट जिले के मानिकपुर के पास पटरी से उतर गई। बताया जाता है कि इस हादसे में ट्रेन के करीब 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस भीषण हादसे में तीन लोगों के मारे जाने की सूचना है, वहीं कई के घायल होने की खबर है। वहीं, शुक्रवार को ही सहारनपुर जिले में सहारनपुर से अर्चना एक्सप्रेस की दो बार कपलिंग टूटने की सूचना मिली है। वहीं, केंद्र सरकार देश में बुलेट ट्रेन चलाने के सपने दिखा रही है। लेकिन, ट्रेन से सफर करने वाले यात्री बुलेट ट्रेन नहीं, अपनी जिंदगी मांग रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि पहले पुरानी पटरियों को बदला जाए। साथ ही संरक्षा और सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए, ताकि ये रेल हादसे रुक सकें।

डायल 100 की गाडिय़ों से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के चित्रकुट के मानिकपुर स्टेशन पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात पटना जा रही 12741 वास्को डिगामा पटना एक्सप्रेस मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर पलट गई। इस भीषण हादसे में तीन लोगों के मरने की खबर है, वहीं 8 लोग घायल हो गए हैं। हालांकि, रेलवे विभाग ने हादसे में किसी के मरने की बात से इनकार किया है। वहीं, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे के साथ एटीएस कानपुर की टीम हादसे की वजह की जांच करेगी। बताया जाता है कि हादसा मानिकपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर हुआ। बताया जाता है कि हादसे के वक्त वहां काफी घना कोहरा छाया हुआ था। सभी घायल यात्रियों को डायल 100 की गाडिय़ों से अस्पताल पहुंचाया गया है। फिलहाल हादसे की वजह साफ नहीं हो पाई है। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेन की रफ्तार तेज होती तो हादसा कितना भीषण होता, उसकी कल्पना भी नहंी की जा सकती।

अर्चना एक्सप्रेस का कपलिंग टूटा, इंजन और बोगी हुआ अलग

जम्मू से हावड़ा जा रही अर्चना एक्सप्रेस का सहारनपुर के पास दो बार कपलिंग टूटने की खबर है। बताया जाता है कि यात्रियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब अर्चना एक्सप्रेस की कपलिंग टूटने से इंजन ट्रेन से अलग हो गया। इंजन और बोगी अलग-अलग होने से अचानक ट्रेन तेज झटके से रुक गई। शुक्रवार सुबह करीब 5.30 बजे के आसपास अर्चना एक्सप्रेस जैसे ही सहारनपुर के पिलखनी रेलवे स्टेशन के पहुंची ही थी कि अचानक अर्चना एक्सप्रेस का कपलिंग टूटने से इंजन बोगी से अलग होकर कुछ दूर जाकर रुक गया। इससे ट्रेन झटके के साथ रुकी तो यात्रियों में हड़कंप मच गया। कपलिंग टूटने के कारण ट्रेन पिलखनी के निकट करीब डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। बाद में ट्रेन को सहारनपुर स्टेशन लाकर मरम्मत करवाया गया। मरम्मत के बाद उसे आगे के लिए रवाना किया गया।

अमेठी में मेमो ने बोलेरो को मारी टक्कर, चार की मौत

लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर मठा भुसंड़ा गांव के नजदीक गुरुवार रात मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बरातियों को लेकर जा रही बोलेरो को मेमो ट्रेन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं, लोगों ने काफी मशक्कत कर बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला और उन्हें तुरंत अपनी गाडिय़ों से अस्पताल पहुंचाया। बताया जाता है मेमो ट्रेन सुल्तानपुर जा रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के मृतकों के प्रति गहरा दु:ख जताया है।

उत्तर प्रदेश में अब तक के रेल हादसे

23 अगस्त 2017: कानपुर और इटावा के बीच औरैया जिले में एक और रेल हादसा हुआ था। आजमगढ़ से दिल्ली आ रही 12225 (अप) कैफियत एक्सप्रेस औरैया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। मानव रहित फाटक पर देर रात ट्रेन एक डंपर से टकरा गई। इस हादसे में ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे बेपटरी हो गए थे। घटना में 21 लोग घायल हुए थे।

19 अगस्त 2017: मुजफ्फरनगर के खतौली में 18477 पुरी-उत्कल एक्सप्रेस के हादसे में 23 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 150 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे। हादसा इतना भयावह था कि पटरी से उतरे 13 कोच एक-दूसरे पर जा चढ़ गए थे। हादसे की जांच के आदेश रेलवे ने तुरंत दिए थे।

30 मार्च 2017: यूपी के महोबा में महाकौशल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इस हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

15 अप्रैल 2017: मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे रामपुर के पास बेपटरी हो गए थे। इस हादसे में करीब 10 यात्री घायल हुए थे।

20 नवंबर 2016: कानपुर देहात के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई थी। हादसे में करीब 150 लोगों की जान चली गई थी।

28 दिसबंर 2016: कानपुर के ही रूरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। हादसे में 100 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे।

20 मार्च 2015: रायबरेली के बछरांवा के पास १४२६६ जनता एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई थी। 150 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

26 मई 2014: यूपी के संत कबीरनगर में गोरखधाम एक्सप्रेस ने एक खड़ी मालगाड़ी में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में करीब दो दर्जन यात्रियों की मौत हो गई थी। कई घायल हुए थे।

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