मुरादाबाद और मिर्जापुर के किशोरी-राजकीय सम्प्रेषण गृहों को किशोर-राजकीय सम्प्रेषण गृह बनाया गया

किशोर संवासियों की अधिक संख्या तथा किशोरी संवासियों की
कम संख्या को देखकर लिया गया निर्णय

 

By: Anil Ankur

Published: 04 Jul 2018, 07:47 PM IST

लखनऊ . जनपद मुरादाबाद तथा मिर्जापुर में किशोरियों के लिए संचालित हो रहे राजकीय संप्रेषण गृहों को अब किशोरों के लिए संचालित किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणुका कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि इन दोनों सम्प्रेषण गृहों में 30-30 किशोर संवासियों को आवासित किया जायेगा। उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान में संचालित इन राजकीय सम्प्रेषण गृहों में आवासित किशोरियों को जनपद बाराबंकी और गाजियाबाद के किशोरी-राजकीय सम्प्रेषण गृहों में स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया गया है।

क्षमता के अधिक संवासी तथा किशोरी
श्रीमती रेणुका कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017-18 में वर्ष भर कई किशोर-राजकीय सम्प्रेक्षण गृहों में स्वीकृत क्षमता के अधिक संवासी तथा किशोरी राजकीय सम्प्रेक्षण गृहों में स्वीकृत क्षमता से कम संवासिनी आवासित रहे हैं। सम्प्रेषण गृहों की स्वीकृत क्षमता के अनुरूप संवासियों को आवासित रहे हैं। सम्प्रेषण गृहों की स्वीकृत क्षमता के अनुरूप संवासियों को आवासित करने की अपरिहार्य आवश्यकता को देखते हुए इन्हें सुव्यवस्थित करने का ये निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के जिन किशोर-राजकीय सम्प्रेक्षण गृहों में स्वीकृत क्षमता में अधिक संवासी हैं वहां से 30 मुरादाबाद तथा 30 मिर्जापुर के किशोरों के लिए परिवर्तित इन राजकीय संप्रेक्षण गृहों में स्थानान्तरित किए जायेंगे।
इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि समेकित बाल संरक्षण योजना के कड़े अनुपालन के निर्देश के साथ भारत सरकार द्वारा इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रथम किश्त के रूप में 885.53 रुपये लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए आवासों के निर्माण हेतु जनपदवार लक्ष्यों को संशोधित करते हुए जनपदवार एवं वर्गवार लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री अनुराग श्रीवास्तव की ओर से 02 जुलाई, 2018 को जारी शासनादेश में कहा गया है कि संशोधित लक्ष्य के अनुसार प्रदेश में 75 जनपदों का वर्गवार विवरण दिया गया है। जिसके अनुसार समस्त जनपद में पीडब्ल्यूएल के अनुसार अवशेष पात्र लाभार्थियों की संख्या 1182574 है तथा आवास निर्माण का आवंटित लक्ष्य दो लाख निर्धारित किया गया है।
शासनादेश के अनुसार वर्ष 2018-19 के जनपदवार आवंटित लक्ष्य में जनपदों से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार संशोधित लक्ष्य में अनुसूचित जाति/जनजाति 18373, अल्पसंख्यक 18580 तथा अन्य 163047 शामिल हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास उ0प्र0 को आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं।

Anil Ankur Desk/Reporting
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