योगी सरकार ने किया बड़ा बदलाव, रामलला के दर्शन के लिए यात्रियों को लेना होगा अयोध्या धाम का टिकट

  • संतों ने राम नगरी अयोध्या को अयोध्या धाम घोषित करने की उठाई मांग

लखनऊ. रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुयों को अब अयोध्या धाम के नाम का बस टिकट लेना होगा। तभी वह बस में सफर कर अयाेध्या पहुंच सकेंगे क्योंकि राज्य परिवहन विभाग ने भी टिकट में 'अयोध्या धाम' को भी जोड़ दिया है। इसलिए अब राम नगरी अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के नाम से टिकट दिया जा रहा है। यह कवायत अयोध्या रोडवेज विभाग ने शुरू कर दी है। जिसको लेकर अब अयोध्या के संतों ने भी राम नगरी अयोध्या को अयोध्या धाम घोषित किए जाने की मांग की है। प्रदेश में योगी सरकार ने फैजाबाद जनपद और फैजाबाद मंडल का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया था। साथ ही इलाहाबाद जिला और मंडल का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था। फैजाबाद और इलाहाबाद जिला प्रथम मंडल का नाम परिवर्तित किए जाने कि प्रदेश सरकार की ओर से सूचना जारी किए जाने के बाद रोडवेज महकमे ने फैजाबाद डिपो का नाम बदलकर अयोध्या डिपो कर दिया था।

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यूपीएसआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि परिवहन निगम मुख्यालय के आदेश पर सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया गया हैं। अब जिला मुख्यालय स्थित फैजाबाद बस स्टेशन का नाम परिवहन विभाग के टिकट में 'अयोध्या' कर दिया गया है। जबकि राम नगरी अयोध्या का टिकट 'अयोध्या धाम' के नाम से बनेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से फैजाबाद जिला और फैजाबाद मंडल का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया था। साथ ही इलाहाबाद जिला और मंडल का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था।

19 फरवरी को दिल्ली में पहली बैठक

बता दें कि अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राम मंदिर ट्रस्ट के नाम का ऐलान किया और बताया कि इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे। इस ट्रस्ट का नाम 'श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र' रखा गया है। सरकार द्वारा ट्रस्ट के सदस्यों के नामों के ऐलान के बाद से ही मंदिर निर्माण को लेकर बातचीत शुरू हो गई। ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती कह चुके हैं कि मंदिर निर्माण को लेकर 19 फरवरी को दिल्ली में पहली बैठक होगी जिसमें एजेंडे पर चर्चा की जाएगी। वहीं ट्रस्ट में जगदगुरु शंकराचार्य, जगदगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद महाराज बतौर सदस्य के रूप में और पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल करने की भूमिका पर अभी विचार किया जा रहा है।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में होंगे 15 सदस्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में लोकसभा को जानकारी दी थी कि कैबिनेट ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पारित किया है। पीएम मोदी ने कहा था कि यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। दरअसल, 9 नवंबर, 2019 को 3 महीने में ट्रस्ट बनाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मियाद 9 फरवरी को खत्म होने से पहले प्रधानमंत्री ने संसद में ट्रस्ट का ऐलान किया। इस श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे। इनमें से 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता केशवन अय्यंगार परासरण ट्रस्ट में होंगे।

Neeraj Patel
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