उन्नाव रेप केस-पीडि़ता के पिता के साथ पुलिस ने कर दिया ऐसा खेल

माखी पुलिस जब पिता को जेल लाई तो उनके पास तमंचा नहीं थी, लेकिन गिरफ्तारी के समय दिखा दिया तमंचा।

By:

Published: 25 Apr 2018, 07:24 PM IST

लखनऊ. उन्नाव रेप कांड में जैसे-जैसे सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में तीन अप्रैल को पीडि़ता के पिता के पास पुलिस ने असलहा बरामदी दिखा कर खेल किया था। इसकी पोल खुली है सीबीआई की शुरुआती जांच पड़ताल में। अब सीबीआई इसके पक्ष में साक्ष्य जुटा रही है। तीन अप्रैल को पीडि़ता के पिता दिल्ली से उन्नाव आए थे। इस दौरान उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी आया था। आरोपियों ने पिता के साथ उस व्यक्ति को भी पीटा था। सीबीआई ने उस व्यक्ति का भी बयान दर्ज किया है।

उन्नाव रेप कांड का मामले में जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी पड़ताल में भी यह बात सामने आई थी कि पीडि़ता के पिता मुकदमेे की पैरवी के लिए यहां दिल्ली से आए थे और उनके साथ भाई का नौकर भी दिल्ली से आया था। जब वे रात में खाना खा रहे थे तो उसी दौरान बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का भाई अतुल सिंह सेंगर व उसके चार साथी पीडि़ता के घर पहुंचे और उसके पिता को पीटते हुए अपने घर पर लाए और पेड़ से उन्हें बांध दिया और पीटाई की गई।

जब इसकी जानकारी माखी पुलिस को हुई तो एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। एसओ की मौजूदगी में भी पीडि़ता के पिता की आरोपियों ने बेरहमी से पिटाई की गई। यही नहीं पीडि़ता के पिता के साथ दिल्ली से आए भाई के नौकर किशोर को भी आरोपियों ने जमकर पीटा था।

जांच का अहम पहलू होगा
सूत्रों की मानें तो इस मामले की जांच कर रही सीबीआई को इस बात के गवाह मिले हैं कि जब माखी पुलिस पीडि़ता के पिता को थाने ले गई तो उनके पास कोई तमंचा नहीं था, लेकिन बाद में उन्हें पुलिस द्वारा बाद में उन्हें तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सीबीआई इस बात का पता लगा रही है कि आखिर माखी पुलिस वह तमंचा कहां से लाई थी जिसे पीडि़ता के पिता के पास से बरामद दिखाया गया। सीबीआई के लिए यह अरोपितों और माखी पुलिस के खिलाफ जांच का अहम पहलू होगा।

आखिर क्यों नहीं मिला पिता को इलाज

सीबीआई इस बात का भी पता लगा रही है कि पीडि़ता के पिता जब घायल थे तो उन्हें इलाज की सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। जब उन्हें उल्टियां आ रही थी और उनके शरीर पर 15 से अधिक चोटें थीं और ब्लड भी बह रहा था उसके बाद भी उन्हें जेल क्यों भेजा गया। वहीं उनकी इतनी हालत खराब होने के बाद भी जेल प्रशासन ने उन्हें जेल में दाखिले की अनुमति कैसे दे दी? जिला अस्पताल पर इलाज के लिए दबाव क्यों नहीं बनाया गया। अब सीबीआई की जांच इन बिंदुओं के साथ आगे बढ़ेगी तो और भी नए मामले सामने आ सकते हैं।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned