यूपी एडेड माध्यमिक कॉलेजों के एडहॉक टीचर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, ये सभी होंगे रेगुलर, बड़ा ऐलान जल्द

यूपी के एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सालों से एडहॉक रूप में तैनात शिक्षकों को रेगुलर करने की तैयारी जोरों पर चल रही है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

प्रयागराज. यूपी के एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सालों से एडहॉक रूप में तैनात शिक्षकों को रेगुलर करने की तैयारी जोरों पर चल रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (यूपीएसईएसएसबी) अधिनियम के तहत ये शिक्षक रेगुलर नहीं हो पाए थे, अब अधिनियम में नई धारा जोड़ने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही सात अगस्त, 1993 से 30 दिसंबर, 2000 तक एडहॉक रूप से नियुक्त शिक्षकों के विनियमितीकरण का रास्ता साफ होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भले ही साल 2000 तक के छूटे शिक्षकों को रेगुलर करने की तैयारी की है लेकिन, इससे शीर्ष कोर्ट में लंबित संजय सिंह प्रकरण में रेगुलर होने की मांग कर रहे शिक्षकों के रास्ते भी खुल सकते हैं। आपको बता दें कि साल 2000 के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक एडेड कालेजों में तदर्थ रूप से नियुक्त हैं।

शिक्षक होंगे रेगुलर

शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने विशेष सचिव को भेजे प्रस्ताव में लिखा है कि 2016 में विनियमित करने का प्रविधान होने पर भी सैकड़ों शिक्षकों को लाभ नहीं मिला, क्योंकि वे वेतन पा रहे थे। लेकिन वे अन्य लाभों से वंचित हैं। धन राजकोष से दिया जा रहा है इसलिए इन्हें रेगुलर करने के लिए अधिनियम में धारा छ के बाद अब ज जोड़ा जाए। दरअसल 22 मार्च 2016 को चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 33 छ को जोड़ा गया था। इससे एडेड कॉलेजों में अल्पकालिक रिक्ति के सापेक्ष प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक श्रेणी में सात अगस्त 1993 से 25 जनवरी 1999 तक के बीच और मौलिक रिक्ति के सापेक्ष प्रमोशन और सीधी भर्ती द्वारा सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक के मध्य तैनात एडहॉक शिक्षकों को रेगुलर किया गया था।

शिक्षकों को मिलेगा लाभ

इसमें प्रविधान किया गया कि ऐसे एडहॉक शिक्षक जो बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 18 के अनुसार नियुक्त नहीं किए गए हैं और कोर्ट के अंतरिम और अनंतिम आदेश से वेतन प्राप्त कर रहे हैं, रेगुलर होने के हकदार नहीं होंगे। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की तादाद 555 मिली है। वहीं, कालेजों के प्रबंधतंत्र ने भी नियमानुसार प्रक्रिया का पालन न करके मौलिक रिक्ति के सापेक्ष शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं, जो कोर्ट के आदेश पर वेतन पा रहे हैं। अब इन शिक्षकों को लाभ देने की तैयारी है।

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नितिन श्रीवास्तव
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