पूर्वांचल के पांच गांवों को रेल सुविधा से जोड़ेगी यूपी सरकार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

UP Government railline gift to villages of purvanchal district by 2025- यूपी को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तोहफा देने के बाद योगी सरकार (UP Government) अब यूपी के छोटे शहरों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़े रखने की कोशिश कर रही है। इसलिए योगी सरकार ने तय किया है कि यूपी के पांच शहरों के गावों को ट्रेन की सुविधा से जोड़ा जाएगा।

By: Karishma Lalwani

Published: 25 Jul 2021, 11:04 AM IST

लखनऊ. UP Government railline gift to villages of purvanchal district by 2025. कोरोना काल (Corona Virus) के दौरान पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लिहाजा पर्यटन को पटरी पर लाने के लिए यूपी सरकार (UP Government) की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यही वजह है प्रदेश के छोटे शहरों को बड़ी सुविधाओं की सौगात देने के प्रयास किए जा रहें हैं। यूपी को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तोहफा देने के बाद योगी सरकार अब यूपी के छोटे शहरों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़े रखने की कोशिश कर रही है। इसलिए योगी सरकार ने तय किया है कि यूपी के पांच शहरों के गावों को ट्रेन की सुविधा से जोड़ा जाएगा। यूपी के बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर के गावों से होकर ट्रेन गुजरेगी। योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

रेल मंत्रालय के दिशा निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन यूपी के पांच शहरों के गावों को ट्रेन की सुविधा से जोड़ेगा। यहां से गुजरने वाली ट्रेन खलीलाबाद-बहराइच रेलमार्ग से होकर गुजरेगी। ट्रेन खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच से गुजरेगी। 240 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर नक्शा तैयार कर लिया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सत्यापन के लिए संबंधित जिला प्रशासन को चिन्हित भूमि की रिपोर्ट सौंपी गई है। सत्यापन के बाद आगे का काम शुरू हो जाएगा।

नई रेल लाइन से पर्यटन को बढ़ावा

नई रेल लाइन से पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा। इन जिलों के प्रमुख मंदिरों में हर साल श्रद्धालुओं का त्योहारों पर आवागमन बना रहता है। श्रावस्ती का शोभनाथ मंदिर हो या छोटी काशी कहे जाने वाले बलरामपुर के नजदीक तुलसीपुर में बना मां दुर्गा का प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर। इन दोनों ही मंदिरों में विभिन्न त्योहार पर दूसरे जिले से भक्त दर्शन को आते हैं। देवीपाटन मंदिर को शक्तिपीठ शिव और सती के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। देवी पाटन की गिनती माता के 51 शक्ति पीठों में से होती है। हर साल पंचमी तिथि को नेपाल से नाथ संप्रदाय के पुजारी आते हैं और दशमी तिथि तक मां की पूजा करते हैं।

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