बेंगलुरु और हैदराबाद को पछाड़ कर लखनऊ बनेगा देश का सबसे बड़ा आईटी हब, दो लाख को नौकरियां

बेंगलुरु और हैदराबाद को पछाड़ कर लखनऊ बनेगा देश का सबसे बड़ा आईटी हब, दो लाख को नौकरियां

Karishma Lalwani | Updated: 05 Jul 2019, 02:59:28 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी-2 में आईटी सेक्टर में होगा 39 हजार करोड़ का निवेश
- पांच साल में दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देने का संकल्प

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार जुलाई में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (Ground Breaking Ceremony) 2 की शुरुआत करने जा रही है। इससे पहले राज्य सरकार 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत कर चुकी है। अब प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए दूसरा शिलान्यास समारोह जुलाई के अंतिम या अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। इंवेस्टर्स समिट के दौरान 70 हजार करोड़ परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के आसार हैं। आईटी सेक्टर के 39 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रोजेक्टस का शिलान्यास होगा। कुल 18 कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश करेंगी। इसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दी। उन्होंने ये भी बताया कि आने वाले पांच सालों में आईटी विभाग ने दो लाख लोगों को रोजगार (Employment) देने का लक्ष्या बनाया है।

दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी है। इन्वेंस्टर्स समिट के दौरान कई परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए एमओयू साइन हुआ। सबसे ज्यादा शिलान्यास आईटी और इलेक्ट्रानिक्स कंपनियों का होगा। यूपी सरकार जुलाई में लखनऊ के इंदिरा प्रतिष्ठान में दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी कराने जा रही है। इसका शुभारंम गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) व समापन उपराष्ट्रपति वेंकिया नायडू करेंगे।

निवेश के लिए इच्छुक ये कंपनियां

प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स विनीर्माण निती के फलस्वरूप चीन, ताइवान और कोरिया की कई इलेक्टानिक्स उपकरण और कॉम्पोनेंट्स निर्माता कंपनियों ने पूंजी निवेश करने की इच्छा जाहिर की। ईकोटेक-6, ग्रेटर नोएडा के 100 एकड़ क्षेत्र में एक इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) विकसित किया जा रहा है। पिछले वर्ष हुए इन्वेस्टर्स समिट में आईटी और इलेक्ट्रानिक्स उद्योग के क्षेत्र में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू साइन किया गया। लगभग सभी परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप इसे पूरा करने की तैयारी तेज है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की वर्तमान इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति को संशोधित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

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आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे को इलेक्ट्रानिक मैनेयुफैक्चरिंग जोन घोषित किया है। इन इलाकों में आईटी ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट लगाने वाली कंपनियों को राज्य सरकार की तरफ से कई रियायतें दी जाएंगी। इसके लिए यूपी सरकार ने यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति-2017 जारी की है। डीप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस नीति का लक्ष्य यूपी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।

पांच साल में दो लाख लोगों को रोजगार

कंपनियों में निवेश के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार देश में रोजगार के नए अवसर को बढ़ावा देगी। आईटी सेक्टर में निवेश से मोदी सरकार ने पांच साल में दो लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य बनाया है।

इन क्षेत्रों में निवेश की तैयारी

दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। यह क्षेत्र हैं

क्षेत्र निवेश कंपनियां

कृषि 393 1
पशुधन विकास 10 1
गन्ना एवं चीनी उद्योग 200 1
आबकारी 950 7
हेल्थकेयर 1100 1
उद्यानिकी 3216 13
आवास विकास 6042 16
आईटी 12597 18
आईआईडीडी 7400 14
एमएसएमई 2717 48
ऊजा 2001 3
विज्ञान एवं तकनीकी 500 3
टेक्सटाइल 1711 15
पर्यटन 827 24
यूपीनेडा 9882 33
यूपीनेडा/आईआईडीडी 6000 1
यूपीएसआईडीसी 563 13
नगर विकास 4275 4

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