सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के लिए यह खबर है बड़ी, योगी सरकार लेने जा रही यह बड़ा फैसला

सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के लिए यह खबर है बड़ी, योगी सरकार लेने जा रही यह बड़ा फैसला
UP government

Shatrudhan Gupta | Updated: 03 Nov 2017, 03:51:53 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, आवास विभाग, नगर विकास विभाग और पीसीएस, आईएएस व पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने 50से ज्यादा उम्र वाले अफसरों की छटनी का काम शुरू कर दिया है। विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी ने अब तक 2700 से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों को चिह्नित किया गया है। इसमें परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, आवास विभाग, नगर विकास विभाग और पीसीएस, आईएएस व पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग और परिवहन निगम के 775 अफसरों और कर्मचारियों को छटनी लिस्ट में शामिल किया गया है। उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिया जा रहा है। विभागीय स्क्रूटनी के बाद शासन स्तर स्कू्रटनी का काम शुरू हो गया है। परिवहन निगम की स्क्रूटनी में करीब 96 दर्जन कंडक्टर-ड्राइवरों के नाम शामिल हैं। प्रमुख सचिव परिवहन अराधना शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है, जो विभाग में अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे थे। उन सबके खिलाफ राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

पीडब्ल्यूडी ने तैयारी की सूची

लोक निर्माण विभाग ने अपने यहां के अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंताओं की सूची तैयार की है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी की सूची में गैर तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों की भी संख्या काफी ज्यादा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस स्कू्रटनी के लिए एक प्रकोष्ठ बना रखा है। उसकी निगरानी प्रमुख सचिव स्तर पर की जा रही है। यहां करीब 700 लोगों को सूचीबद्ध किया गया है। उन सब पर जल्द ही कार्रवाई संभावित है।

149 कर्मचारियों की बनी है सूची

सिंचाई विभाग में पचास साल के ऊपर के कर्मचारियों और अधिकारियों को रिटायर करने की तैयारी लखनऊ पूरी कर ली गई है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने 249 कर्मचारियों की सूची बनाई है। इसमें अभियंताओं की संख्या 39 से ज्यादा नहीं है। बाकी अन्य श्रेणी और संवर्ग के कर्मचारी हैं। इसी प्रकार आवास विभाग ने पूरे प्रदेश के प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद से बेकार कर्मचारियों और अधिकारियों की स्कू्रटनी कराई है। आवास विभाग और विकास प्राधिकरणों में अब तक 150 कर्मचारियों को छांटा गया है। नगर विकास विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के नामों को अंमित रूप देना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार पीपीएस संवर्ग के करीब छह अधिकारियों को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। यह बात अलग है कि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है, लेकिन स्क्रूटनी के लिए हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके अलावा 50 साल से अधिक उम्र वाले पीपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इस संवर्ग के 434 अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड की छानबीन पूरी कर ली है।

बैठक में 118 एएसपी और 316 पुलिस उपाधीक्षकों के चरित्र को लेकर विभाग में लंबी बहस हुई। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों की सार्वजनिक छवि, अनुशासनहीनता संबंधी शिकायतों और प्रतिकूल प्रविष्टि की स्थिति का अध्ययन किया गया है। यहां भी करबी 400 में से उन अधिकारियों को चिह्नित किया जाना है, जो 50 साल की उम्र पार कर चुके हैं। प्रमुख सचिव गृह अरविन्द सिंह ने कहा है कि स्कू्रटनी के बाद इसकी विधिक स्थिति पर भी अध्ययन किया जाएगा, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned