राज्यपाल ने कैबिनेट में इलाहाबाद को प्रयागराज किए जाने के दिए सुझाव

राज्यपाल ने कैबिनेट में इलाहाबाद को प्रयागराज किए जाने के  दिए सुझाव

Anil Ankur | Publish: Oct, 14 2018 09:42:34 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कुम्भ में अक्षय वट एवं सरस्वती कूप के सुलभ होंगे दर्शन: मुख्यमंत्री

 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में कुम्भ मेला मार्गदर्शक मण्डल की बैठक आज सर्किट हाउस में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बी. भोसले, न्यायाधीश विक्रमनाथ महंत नरेन्द्र गिरी एवं महामंत्री महंत हरिगिरि महाराज के साथ अन्य साधु संत एवं मार्गदर्शक मण्डल के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
राज्यपाल जी ने कुम्भ मार्गदर्शक मण्डल में आये सुझावों का स्वागत किया। उन्होंने इलाहाबाद को प्रयागराज किये जाने के सुझाव पर बोलते हुए कहा कि मेला प्राधिकरण का नाम प्रयागराज भी है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद को प्रयागराज करने में हर किसी की सहमति है, इससे सम्बन्धित प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला मण्डल के 100 सदस्य हैं, जिन्हें कुम्भ में आने वाले लोगों का स्वागत करना है। उन्होंने कहा कि हम सबको साथ मिलकर इस आयोजन में अपना सहयोग देना है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर कार्य पूरे हो गये तथा अन्य कार्य अक्टूबर एवं नवम्बर माह में अपने निर्धारित समय-सीमा में सारे काम पूरा हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस कुम्भ में स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माघ मेला में स्वच्छता के अनेक प्रयोग किये गये, जो सफल साबित हुये हंै। उन प्रयोगों को अब कुम्भ मेला में व्यापक स्तर पर लागू किया जायेगा तथा एक भी कूड़ा जमीन पर गिराये बिना उसे मेला क्षेत्र से बाहर कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गंगा जी में कोई गंदा पानी न जाये, इसके व्यापक प्रबन्ध किये जा रहे हंै। उन्होंने बताया कि 15 दिसम्बर के बाद से कोई गंदा पानी में गंगा नदी में नहीं जायेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लाइट शो का आयोजन किया जा रहा है तथा इलाहाबाद की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए पेंटिंग भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुम्भ में आने वालों को 5 किमी के अन्दर पार्किंग की सुविधा दी जा रही है। इसी तरह अन्य खोया-पाया सम्बन्धी व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण, पार्कों का सौन्दर्यीकरण आदि कार्यों को किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुम्भ आयोजन समाज का आयोजन होता है, इसलिए इसमें हम सबकी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए हर अपरिचित व्यक्ति से उसका परिचय लिया जाये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सहयोग से कुम्भ को यूनेस्को ने मान्यता दी है। आने वाले दिनों में कई डाॅक्यूमेण्ट्री फिल्म बनायी जायेगी तथा प्रिण्ट, इलेक्ट्राॅनिक, वेब एवं सोशल मीडिया में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ केवल इलाहाबाद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता एवं देश की सवा सौ करोड़ की जनता का भी है। उन्होंने कहा कि कुम्भ में अक्षय वट एवं सरस्वती कूप के दर्शन सुलभ होंगे।

कुम्भ मेला मार्गदर्शक मण्डल में नगर विकास मंत्री ने उपस्थित लोगांे से उनके कुम्भ मेला के सम्बन्ध में सुझाव जानें, जिसमें अखाड़ा परिषद के महामंत्री ने उन्हें बताया कि कुम्भ मेले के की जा रही तैयारियां बहुत अच्छे से हो रही हंै। उन्होंने बताया कि जो भी सुझाव दिये जाते हैं, उन्हें फालोअप कर लिया जाता है। उन्होंने मेला प्रशासन एवं जिला प्रशासन को इसके बधाई भी दी। इसी तरह इलाहाबाद को प्रयागराज एवं कुम्भ आयोजन को कुम्भ महोत्सव किये जाने के सुझाव आएं।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा पूरा करने किया जायेगा। उन्होंने कुम्भ मेला मार्गदर्शक मण्डल में आये सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रेजेण्टेशन के माध्यम से कुम्भ इण्डिया एवं डाॅक्यूमेण्ट्री फिल्म भी दिखायी गयी।

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