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यूपी पंचायत चुनाव 2021: वोटर और प्रत्याशियों को लेकर नया फरमान, इस बार बदल गया है यह नियम, जानें क्या कहा राज्य निर्वाचन आयोग ने

पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) के लिए वोटर और प्रत्याशियों को लेकर नया फरमान जारी किया गया है
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

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Updated: 9 Jan 2021, 11:23 AM IST

यूपी पंचायत चुनाव 2021: वोटर और प्रत्याशियों को लेकर नया फरमान, इस बार बदल गया है यह नियम

यूपी पंचायत चुनाव 2021: वोटर और प्रत्याशियों को लेकर नया फरमान, इस बार बदल गया है यह नियम

लखनऊ. पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) के लिए वोटर और प्रत्याशियों को लेकर नया फरमान जारी किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इस बार वोटर और प्रत्याशियों को उनके मोबाइल पर कोई सूचना या जानकारी नहीं उपलब्ध होगी। प्रत्याशियों के भी मोबाइल नम्बर नामांकन पत्र में लिये जाएंगे। मगर आयोग की तरफ से उन्हें कोई सूचना या जानकारी नहीं दी जाएगी। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2017 के चुनाव के अनुसार प्रत्याशियों को उनके मोबाइल पर चुनाव परिणाम की सूचना दिये जाने पर गड़बड़ी हुई। जिस प्रत्याशी को जीतने की सूचना दी गयी, बाद में अंतिम गणना व आंकलन में वह हार गया। ऐसे और भी मामले आने के बाद मामला कोर्ट की शरण में पहुंचा जहां राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया कि इस तरह की सूचना व जानकारी मोबाइल फोन पर दिए जाने का कोई नियम या प्रावधान नहीं है। यह सिर्फ आमजन की सुविधा के लिए एक व्यवस्था की गयी थी।

वेबसाइट पर मिलेगी जानकारी

पिछले तरह के हुए किस्सों को न दोहराने के लिए इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने मोबाइल पर किसी भी तरह की सूचना या जानकारी देने की व्यवस्था को नकार दिया है। इस बार आयोग की वेबसाइट पर वोटर सर्विस के नाम से एक नया पेज बनाया गया है। इस पेज पर मोबाइल रजिस्ट्रेशन का भी एक पेज रखा गया है। पिछले अनुभवों और अदालती झंझटों को देखते हुए तय किया गया है कि इस बार मतदाताओं और प्रत्याशियों को उनके मोबाइल फोन पर आयोग की ओर से किसी भी तरह की कोई सूचना या जानकारी नहीं दी जाएगी।

चार लाख में निपटाएं जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव

प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा वर्ष 2015 के अनुसार तय हुई है। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनावी खर्च एक समान किया गया है। ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार चुनाव में केवल 75 हजार रुपये ही खर्च कर सकेंगे। इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य को भी 75 हजार से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं जिला पंचायत पद के लिए चुनावी व्यय सीमा डेढ़ लाख रुपये रहेगी, जबकि पानी की तरह पैसा बहाकर लड़े जाने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष पद की चुनावी खर्च सीमा मात्र चार लाख रुपये निश्चित की गई है। चुनाव को लेकर किए जाने वाले खर्च पर निगरानी रखने के लिए जिलों में कमेटी गठित की जाएगी।

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