पंचायत चुनावों पर भी पड़ी कोरोना की मार, छह महीने टालने की तैयारी में योगी सरकार

- मौजूदा पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 25 दिसंबर को हो रहा पूरा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पंचायत चुनावों को कोरोना संकट की वजह से टालने जा रही है। इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है। जानकारी के मुताबिक कोरोना के मद्देनजर प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव फिलहाल छह महीने तक स्थगित करेगी। इस बारे में जल्द ही आखिरी निर्णय कर घोषणा की जाएगी। अगर हालात ठीक रहे तो छह महीने बाद प्रधानी के चुनाव होंगे।

25 दिसंबर को खत्म हो रहा कार्यकाल

यूपी में करीब 59 हजार ग्राम पंचायतें हैं जिनका कार्यकाल आगामी 25 दिसंबर को खत्म हो रहा है। उससे पहले यह चुनाव होने चाहिए थे। जिसके लिए की जाने वाली तैयारियां कोरोना संकट की वजह से लगातार पिछड़ती जा रही हैं। परिसीमन, वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण, बैलेट पेपर की छपाई, चुनाव सामग्री जुटाने आदि के लिए अब बहुत कम समय बचा है। 75 जिला पंचायतों का कार्यकाल अगले साल 25 जनवरी तक है और 821 क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल अगले साल 21 मार्च तक है। अब ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों के चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में एक साथ करवाए जा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से लेकर छह महीने के भीतर कभी भी चुनाव करवाए जा सकते हैं।

नितिन श्रीवास्तव
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