लॉकडाउन में यूपी पुलिस बनी दोस्त, पेश की ऐसी मिसाल कि हर कोई कर रहा तारीफ

किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाना हो, गरीब के घर राशन पहुंचाना हो, बूढ़े पिता के लिए दवाई मुहैया कराना हो, गरीबों के लिए खाना बनाना हो या सड़क पर इन दिनों भटक रहे मजदूरों की प्यास व भूख मिटाना हो, यूपी पुलिस इन सब की मदद फोरफ्रंट पर खड़े होकर करती दिख रही है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 29 Mar 2020, 06:28 PM IST

लखनऊ. कोरोनावायरस से उत्पन्न हो रही महामारी की इस मुश्किल घड़ी में लॉकडाउन से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन का आदेश सरकार की विवशता है, लेकिन ऐसा नहीं हैं कि जनता इसमें सहयोग नहीं कर रही, लेकिन जरूरत की चीजें न मिलने या इमेरजेंसी के वक्त घर से बाहर निकलना उनकी भी मजबूरी है। ऐसे में पुलिस का सहयोग काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है, जिसका इन दिनों अलग ही चेहरा लोगों के सामने आ रहा है। डॉक्टर की तरह वह भी कुछ लोगों के लिए फरिश्ते से कम नहीं हैं। जनता कर्फ्यू व लॉकडाउन के ऐलान के बाद से ही यूपी पुलिस की ड्यूटी डबल हो गई है। थानों से ज्यादा वह सड़कों पर दिख रही है। सरकार का आदेशों का पालन कर रही है, तो लोगों की जरूरतों का भी ध्यान रखती दिख रही है। 22 मार्च के बाद से यूपी पुलिस की मदद के लिए तत्परता के तमाम उदाहरण पेश हो रहे हैं, जिससे लोगों की राय बदलती नजर आ रही है। हालांकि उल्लंघन करने वालों से वह सख्ती से निपट रही है, लेकिन जरूरतमंदों की मदद करने से वह पीछे नहीं हट रही। किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाना हो, गरीब के घर राशन पहुंचाना हो, बूढ़े पिता के लिए दवाई मुहैया कराना हो, गरीबों के लिए खाना बनाना हो या सड़क पर इन दिनों भटक रहे मजदूरों की प्यास व भूख मिटाना हो, यूपी पुलिस इन सब की मदद फोरफ्रंट पर खड़े होकर करती दिख रही है। लॉक डाउन के इस मुश्किल दौर में लठबाज खाकी की दरियादिली देख लोगों के मन से पुलिस के प्रति पनपी कुंठा दूर होती नजर आ रही है।

गर्भवती महिला की मदद-

लॉकडाउन के इस संकट की घड़ी में बरेली की तमन्ना के लिए यूपी पुलिस ने मिसाल पेश की है। दरअसल गर्भवती तमन्ना घर पर अकेली थीं। उनके पति नोएडा में थे और लाॅकडाउन की वजह से आने की कोई संभावना नहीं दिख रही थी। ऐसे में उन्होंने वीडियो के जरिए मदद मांगी। जब मीडिया के जरिए योगी सरकार को जानकारी मिली तो उन्हें मदद पहुंचाई। शासन के निर्देश पर एसएसपी शैलेश पांडेय ने नोएडा के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह से संपर्क करने के साथ साथ महिला को अस्पताल भिजवाया। जहां उसकी सफल डिलीवरी हुई। तमन्ना के लिए पुलिस वाले किसी फरिश्ते से कम नहीं। ऐसा ही मामला नोएडा के झुंडपुरा में सामने आया है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह ने बताया कि नोएडा पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला की मदद की है। इसको लेकर नोएडा पुलिस ने वीडियो भी ट्वीट किया है। साथ ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक छात्रा की मदद करते हुए उसे हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले परिवार से मिलाया है।

गरीबों को खिला रहे खाना-

इस लॉकडाउन की सबसे ज्यादा मार किसी पर पड़ी है तो वह श्रमिक व मजदूर हैं, जिनके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना किसी पहाड़ को तोड़ने जैसा है। सरकार तो उनकी मदद कर ही रही है। इनकी हालत देख यूपी पुलिस का भी दिल पसीज गया हैं। और जो श्रमिक उन्हें दिख रहे हैं, उन्हें वह कुछ भी कर के खाना खिला कर उनके पेट भर रही है। अलग-अलग जिलों से इसकी तस्वीरें सामने आ रही है। वहीं कई थानों के अंदर गरीबों के लिए खाना भी बनाया जा रहा है। रायबरेली महिला थाने की थानाध्यक्ष संतोष सिंह अपनी टीम के साथ मिलकर थाने के अंदर ही गरबों की सहायता करने के लिए भोजन की व्यवस्था कर रही हैं। वह ताजा भोजन डिब्बों में पैक कर गरीब मजदूरों में बांट रही हैं। महिला थानाध्यक्ष संतोष सिंह का कहना है कि हमारी महिला आरक्षी मिलकर स्वयं भोजन बनाती हैं और भूखे लोगों को भोजन बांटते हैं। हमारा प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा न सोए।

राशन घर पहुंचा रहे -

रायबरेली के जहानाबाद चौकी के पास लॉक डाउन के दौरान पुलिस ने जेवर बेचकर राशन खरीदने जा रहे एक व्यक्ति की मदद की। रास्ते में मिले राजेश नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गहने बेचकर राशन लाने की बात कही। इस पर शहर कोतवाल अतुल सिंह ने सच्चाई जानने के लिए उसे पुलिस की गाड़ी में बिठाया और उसके घर ले गया। जब बात सच साबित हुई तो पुलिस कर्मी अतुल सिंह ने उस औरत को गहने वापस करा दिए और 10 दिन का पूरा राशन उसके घर पुलिस की गाड़ी से पहुंचाया और आश्वस्त किया कि अगर आवश्यकता और राशन की हो तो हमें हमारे सरकारी फोन नंबर पर सूचित करिएगा हम पुनः आपकी मदद करेंगे।

दवा का भी कर रहे इंतेजाम-

इसी तरह अहियारायपुर निवासी वर्तिका नामक एक लड़की ने कोतवाल अतुल सिंह के सरकारी नंबर पर फोन किया और कहा मेरे पिताजी काफी बुजुर्ग हैं और वह मधुमेह रोग से ग्रसित हैं, उनकी दवा खत्म हो गई है। हमारे घर में कोई और नहीं है हमें दवा की आवश्यकता है इस पर अतुल सिंह ने दवा का पर्चा अपने व्हाट्सएप पर मंगवाया और दवा खरीद कर उस लड़की के यहां पहुंचाया।

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Abhishek Gupta Desk/Reporting
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